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रवि शंकर प्रसाद बोले – राहुल, केजरीवाल खामोश, लेकिन उनके लोग शाहीन बाग के साथ

By बलराम सिंह 
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Ravi Shankar Prasad Said Rahul Kejriwal Silent But His People With Shaheen Bagh

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून पर देशभर में घमासान मचा हुआ है। इस बीच केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने सोमवार को दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर विपक्ष को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन को लेकर कहा कि यह विरोध नागरिकता कानून का विरोध नहीं है बल्कि लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध है। हमने बार-बार बताया कि नागरिकता संशोधन विधेयक किसी की नागरिकता नहीं छीनता। इस देश का हर मुस्लिम नागरिक इज्जत के साथ इस देश में रहेगा।

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रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस और आप पर हमला बोलते हुए कहा कि इस मामले में राहुल गांधी और केजरीवाल, दोनों चुप हैं, लेकिन उनके लोग खूब बोल रहे हैं। मनीष सिसोदिया बोलते हैं कि हम शाहीन बाग के साथ हैं। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और मणिशंकर अय्यर वहां जाकर क्या-क्या बोले हैं वो आप जानते हैं। इसके साथ ही रवि शंकर प्रसाद ने यह भी कहा कि मैने सुना है भारतीय राजनीति में इन दिनों जिन्ना का आगमन फिर से हुआ है। मणिशंकर अय्यर अपनी सारी राय पाकिस्तान में रखते हैं। उनके दोस्त देश को विभाजित करते हैं और जिन्ना के बारे में बातें करते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस से साफ-साफ कह देना चाहता हूं कि अब देश का कोई बंटवारा नहीं होगा। अगर कोई ऐसा करेगा तो उसके खिलाफ शख्त कार्रवाई की जाएगी। जब पाकिस्तान बना तो वहां के अल्पसंख्यकों के साथ बुरा बर्ताव किया गया। मुझे खबर मिली है कि वहां कल ही एक हिंदू बेटी का अपहरण कर लिया गया है। इस बारे में वो क्या कहेंगे? ये शरणार्थी पाकिस्तान और अफगानिस्तान से जिस तरह भागे हैं, उसके पीछे एक दर्दनाक कहानी है।

इसके बाद रविशंकर प्रसाद ने आप नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े हैं। ये कैसा हिंदुस्तान हम बनाना चाहते हैं? ये कैसी दिल्ली हम बनाना चाहते हैं? दिल्ली में कुछ लोग होंगे जो टुकड़े-टुकड़े के नाम पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। क्या दिल्ली में ऐसे लोगों को जगह मिलनी चाहिए जो असम को भारत से काटने की बात करेंगे? उन्होंने कहा कि वो लाखों लोग जिनके बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहें, जो दफ्तर नहीं जा पा रहे हैं? जिनकी दुकाने बंद हैं उनकी शांत आवाज केजरीवाल और सिसोदिया को क्यों नहीं सुनाई देती? ये हैं बड़े सवाल।

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