RBI ने दिया दिवाली गिफ्ट, रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती

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RBI ने दिया दिवाली गिफ्ट, रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती

नई दिल्ली। आरबीआई ने शुक्रवार को रेपो रेट में 0.25% की कटौती का ऐलान किया है। अब रेपो रेट से जुड़े सभी तरह के कर्ज सस्ते हो जाएंगे। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति तीन दिन की बैठक की बैठक 1 अक्टूबर से शुरू हुई थी। आज आरबीआई ने दरों की घोषणा की। समिति के सभी 6 सदस्यों ने रेट घटाने के पक्ष में वोट दिया। 5 सदस्यों ने 0.25% कटौती का समर्थन किया। एमपीसी के सदस्य रविंद्र ढोलकिया 0.40% कटौती चाहते थे। रेपो रेट वह दर है जिस पर बैंकों को आरबीआई से कर्ज मिलता है। बैंकों को सस्ता कर्ज मिलने से ग्राहकों को भी फायदा होगा।

Rbi Gives Diwali Gift 0 25 Reduction In Repo Rate :

आरबीआई ने पिछले महीने सभी बैंकों को निर्देश दिए थे कि एक अक्टूबर से ब्याज दरों को रेपो रेट जैसे बाहरी बेंचमार्क से जोड़ें। एसबीआई और दूसरे प्रमुख बैंकों ने रेपो रेट को चुना। इसका फायदा ये होगा कि आरबीआई जब भी रेपो रेट घटाएगा ग्राहकों के लिए लोन तुरंत सस्ते होंगे। एमसीएलआर आधारित लोन में ग्राहकों को तुरंत फायदा नहीं मिल रहा था। बल्कि, रीसेट डेट के हिसाब से ईएमआई में बदलाव होता था। बैंक भी रेपो रेट घटने के बाद ब्याज दरें तुरंत घटाने को बाध्य नहीं थे। आरबीआई इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं था। क्योंकि, उसके रेट घटाने का पूरा फायदा ग्राहकों को नहीं मिल रहा था।

एसबीआई के पुराने ग्राहकों को रेपो रेट में कटौती का फायदा लेने के लिए लोन शिफ्टिंग के लिए आवेदन करना होगा। बाकी बैंकों की तरफ से स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। जो भी बैंक लोन की दरों को रेपो रेट से जोड़ चुके हैं उनके नए ग्राहकों को 0.25% कटौती का फायदा तुरंत मिलेगा।

आरबीआई ने इस साल लगातार 5वीं बार रेपो रेट घटाया है। अगस्त में 0.35% की अप्रत्याशित कटौती की थी। इससे पहले तीन बार रेट 0.25-.025% घटाया था। इस साल रेपो रेट 1.35% कम हुआ है। शुक्रवार की कटौती के बाद इसकी दर 5.15% रह गई, जो कि पहले 5.40% थी।

आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाया
आरबीआई ने मौद्रिक नीति को लेकर नजरिया अकोमोडेटिव बरकरार रखा। लेकिन, चालू वित्त वर्ष (2019-20) के लिए आर्थिक विकास दर का अनुमान घटाकर 6.1% कर दिया। पिछली बार 6.9% ग्रोथ का अनुमान जारी किया था। चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) में खुदरा महंगाई दर 3.5% से 3.7% के बीच रहने का अनुमान बरकरार रखा।

छह सदस्यीय एमपीसी की बैठक गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में हुई। केंद्रीय बैंक खुदरा महंगाई को ध्यान में रखते हुए प्रमुख नीतिगत दरों पर फैसला लेता है। हालांकि ज्यादातर विशेषज्ञ दिसंबर में होने वाली समीक्षा में 15 आधार अंक की एक और कटौती की उम्मीद कर रहे हैं।

आपको ऐसे होगा फायदा
अगर रेपो रेट में कटौती का फायदा बैंक आप तक पहुंचाते हैं तो का आम लोगों को काफी फायदा होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अब बैंकों पर ब्याज दरों में कटौती करने का दबाव रहेगा। इससे लोगों को लोन सस्ते में मिल जाएगा। इसके अलावा जो होम, ऑटो या अन्य प्रकार के लोन फ्लोटिंग रेट पर लिए गए हैं, उनकी ईएमआई में भी कमी हो जाएगी।

नई दिल्ली। आरबीआई ने शुक्रवार को रेपो रेट में 0.25% की कटौती का ऐलान किया है। अब रेपो रेट से जुड़े सभी तरह के कर्ज सस्ते हो जाएंगे। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति तीन दिन की बैठक की बैठक 1 अक्टूबर से शुरू हुई थी। आज आरबीआई ने दरों की घोषणा की। समिति के सभी 6 सदस्यों ने रेट घटाने के पक्ष में वोट दिया। 5 सदस्यों ने 0.25% कटौती का समर्थन किया। एमपीसी के सदस्य रविंद्र ढोलकिया 0.40% कटौती चाहते थे। रेपो रेट वह दर है जिस पर बैंकों को आरबीआई से कर्ज मिलता है। बैंकों को सस्ता कर्ज मिलने से ग्राहकों को भी फायदा होगा। आरबीआई ने पिछले महीने सभी बैंकों को निर्देश दिए थे कि एक अक्टूबर से ब्याज दरों को रेपो रेट जैसे बाहरी बेंचमार्क से जोड़ें। एसबीआई और दूसरे प्रमुख बैंकों ने रेपो रेट को चुना। इसका फायदा ये होगा कि आरबीआई जब भी रेपो रेट घटाएगा ग्राहकों के लिए लोन तुरंत सस्ते होंगे। एमसीएलआर आधारित लोन में ग्राहकों को तुरंत फायदा नहीं मिल रहा था। बल्कि, रीसेट डेट के हिसाब से ईएमआई में बदलाव होता था। बैंक भी रेपो रेट घटने के बाद ब्याज दरें तुरंत घटाने को बाध्य नहीं थे। आरबीआई इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं था। क्योंकि, उसके रेट घटाने का पूरा फायदा ग्राहकों को नहीं मिल रहा था। एसबीआई के पुराने ग्राहकों को रेपो रेट में कटौती का फायदा लेने के लिए लोन शिफ्टिंग के लिए आवेदन करना होगा। बाकी बैंकों की तरफ से स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। जो भी बैंक लोन की दरों को रेपो रेट से जोड़ चुके हैं उनके नए ग्राहकों को 0.25% कटौती का फायदा तुरंत मिलेगा। आरबीआई ने इस साल लगातार 5वीं बार रेपो रेट घटाया है। अगस्त में 0.35% की अप्रत्याशित कटौती की थी। इससे पहले तीन बार रेट 0.25-.025% घटाया था। इस साल रेपो रेट 1.35% कम हुआ है। शुक्रवार की कटौती के बाद इसकी दर 5.15% रह गई, जो कि पहले 5.40% थी। आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाया आरबीआई ने मौद्रिक नीति को लेकर नजरिया अकोमोडेटिव बरकरार रखा। लेकिन, चालू वित्त वर्ष (2019-20) के लिए आर्थिक विकास दर का अनुमान घटाकर 6.1% कर दिया। पिछली बार 6.9% ग्रोथ का अनुमान जारी किया था। चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) में खुदरा महंगाई दर 3.5% से 3.7% के बीच रहने का अनुमान बरकरार रखा। छह सदस्यीय एमपीसी की बैठक गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में हुई। केंद्रीय बैंक खुदरा महंगाई को ध्यान में रखते हुए प्रमुख नीतिगत दरों पर फैसला लेता है। हालांकि ज्यादातर विशेषज्ञ दिसंबर में होने वाली समीक्षा में 15 आधार अंक की एक और कटौती की उम्मीद कर रहे हैं। आपको ऐसे होगा फायदा अगर रेपो रेट में कटौती का फायदा बैंक आप तक पहुंचाते हैं तो का आम लोगों को काफी फायदा होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अब बैंकों पर ब्याज दरों में कटौती करने का दबाव रहेगा। इससे लोगों को लोन सस्ते में मिल जाएगा। इसके अलावा जो होम, ऑटो या अन्य प्रकार के लोन फ्लोटिंग रेट पर लिए गए हैं, उनकी ईएमआई में भी कमी हो जाएगी।