कटे-फटे नोटों को बदलने के लिए आरबीआई का नया नियम

कटे-फटे नोटों को बदलने के लिए आरबीआई का नया नियम
कटे-फटे नोटों को बदलने के लिए आरबीआई का नया नियम

Rbi New Rules For Exchange Of Damaged Currency

नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद आरबीआई ने 200 और 2000 रुपये के नए नोट तो जारी कर दिए लेकिन इन नोटों को बदलने के लिए कोई नियम नहीं बनाए गए थे। वहीं अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (नोट रिफंड) नियम, 2009 में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं जिसे 6 सिंतबर से ही आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। ये संशोधन इसलिए किए गए हैं ताकि महात्मा गांधी सीरीज के नए नोटों को जारी करने के बाद लोग नोटों को आसानी से बदलवा सकें।

आपको ज्ञात हो कि आरबीआई की ओर से जारी किए गए नए नोट पहले के नोटों की तुलना में छोटे हैं। गौरतलब है कि नोट बदलने का कानून आरबीआई एक्ट की धारा 28 के अंतर्गत आता है। इसमें नोटबंदी के पहले के ही कटे-फटे या गंदे नोट बदलने की इजाजत थी।

आरबीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया, ’50 रुपये या उससे ज्यादा मूल्यवर्ग के कटे-फटे नोटों को लेकर महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। बदले नियमों के अनुसार अगर नोट 40 फीसद से ज्यादा हिस्से में बंटे होंगे तो उन परिस्थितियों में पूरा रिफंड मिलेगा।’ वहीं आरबीआई ने 2000 रुपये के कटे-फटे नोटों पर मौजूदा नियमों में भी संशोधन किया है।

50 रुपये, 100 रुपये और 500 रुपये के नोट—-

50 रुपये, 100 रुपये और 500 रुपये के पुराने कटे फटे नोट की पूर्ण वापसी (बराबर मूल्य में) के लिए यह जरूरी होगा कि आपका नोट 2 हिस्सों में बंटा हो जिसमें से एक हिस्सा पूरे नोट के 40 फीसद या उससे ज्यादा क्षेत्र को कवर करता हो। आसान शब्दों में 50 रुपये और इससे अधिक मूल्य वर्ग के कटे-फटे नोटों को बदलने के लिए हर टुकड़े का क्षेत्र, अलग-अलग, उस मूल्य के नोट के कुल क्षेत्र का कम से कम 40 फीसदी होना चाहिए।

2000 रुपये के पुराने नोट पर पूरे रिफंड—

2000 रुपये के पुराने कटे फटे नोट की कंडीशन के आधार पर तय होगा कि आपको इसका पूरा रिफंड मिलेगा या फिर कुछ कम। जानकारी के लिए आपको बता दें कि 2 हजार के नोट की पूरी कीमत के लिए ग्राहक को नोट के वास्तविक आकार का कम से कम 88 फीसद हिस्सा देना होगा। 44 फीसद हिस्सा लौटाने पर नोट की आधी कीमत मिलेगी।

नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद आरबीआई ने 200 और 2000 रुपये के नए नोट तो जारी कर दिए लेकिन इन नोटों को बदलने के लिए कोई नियम नहीं बनाए गए थे। वहीं अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (नोट रिफंड) नियम, 2009 में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं जिसे 6 सिंतबर से ही आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। ये संशोधन इसलिए किए गए हैं ताकि महात्मा गांधी सीरीज के नए नोटों को जारी करने के बाद लोग…