RCom के कर्जदाताओं ने अनिल अंबानी, चार अन्य निदेशकों का इस्तीफा किया नामंजूर

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RCom के कर्जदाताओं ने अनिल अंबानी, चार अन्य निदेशकों का इस्तीफे किया नामंजूर

मुंबई। रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) के डायरेक्टर पद से हाल ही में अनिल अंबानी ने इस्तीफा दे दिया था। अब रिलायंस कम्युनिकेशन के कर्जदारों ने चेयरमैन अनिल अंबानी और 4 अन्य डायरेक्टरों का उनके पद से इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। साथ ही उन्हें जारी दिवाला एवं ऋणशोधन प्रक्रिया में सहयोग करने का निर्देश दिया है। कंपनी की ओर से रविवार को बीएसई को इसकी जानकारी दी गई।

Rcom Lenders Resign Anil Ambani Four Other Directors :

बता दें कि अंबानी समेत कंपनी के चार निदेशकों रायना करानी, छाया विरानी, मंजरी काकेर और सुरेश रंगाचार ने इस महीने की शुरुआत में कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। कंपनी ने बताया है कि 20 नवंबर को उसके कर्जदाताओं की समिति की बैठक हुई, बैठक में समिति ने निर्णय किया कि इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जा सकता।

कंपनी ने कहा कि आर कॉम से जुड़े निदेशकों को बताया जा रहा है कि उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं किए गए हैं और उन्हें आर कॉम के निदेशक के नाते दायित्वों व जिम्मेदारियों कको पूरा करना होगा। सभी को दिवाला एवं ऋणशोधन प्रक्रिया में सहयोग देने का निर्देश दिया गया है

गौरतलब है कि कंपनी को सितंबर तिमाही में 30,142 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। यह किसी भारतीय कंपनी को एक तिमाही में हुआ दूसरा सबसे बड़ा घाटा है।

मुंबई। रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) के डायरेक्टर पद से हाल ही में अनिल अंबानी ने इस्तीफा दे दिया था। अब रिलायंस कम्युनिकेशन के कर्जदारों ने चेयरमैन अनिल अंबानी और 4 अन्य डायरेक्टरों का उनके पद से इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। साथ ही उन्हें जारी दिवाला एवं ऋणशोधन प्रक्रिया में सहयोग करने का निर्देश दिया है। कंपनी की ओर से रविवार को बीएसई को इसकी जानकारी दी गई। बता दें कि अंबानी समेत कंपनी के चार निदेशकों रायना करानी, छाया विरानी, मंजरी काकेर और सुरेश रंगाचार ने इस महीने की शुरुआत में कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। कंपनी ने बताया है कि 20 नवंबर को उसके कर्जदाताओं की समिति की बैठक हुई, बैठक में समिति ने निर्णय किया कि इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जा सकता। कंपनी ने कहा कि आर कॉम से जुड़े निदेशकों को बताया जा रहा है कि उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं किए गए हैं और उन्हें आर कॉम के निदेशक के नाते दायित्वों व जिम्मेदारियों कको पूरा करना होगा। सभी को दिवाला एवं ऋणशोधन प्रक्रिया में सहयोग देने का निर्देश दिया गया है गौरतलब है कि कंपनी को सितंबर तिमाही में 30,142 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। यह किसी भारतीय कंपनी को एक तिमाही में हुआ दूसरा सबसे बड़ा घाटा है।