ये चावल करेगा मोटापे की छुट्टी, अनीमिया और डायबटीज से करेगा बचाव

Red Rice
ये चावल करेगा मोटापे की छुट्टी, अनीमिया और डायबटीज से करेगा बचाव

Red Rice Is Helpful To Cure Obesity Anemia And Diabetes

आप ने पंसारी की दुकान पर कई वैरायटी के चावल देखे होंगे। हर वैरायटी अपनी अलग पहचान रखती है, किसी का स्वाद तो किसी की खुशबू की वजह से आप उसे खरीदते हैं। लेकिन क्या आपने कभी चावल की किसी ऐसी वैरायटी के बारे में सुना है जिसमें औषधीय गुण पाए जाते हैं। अब भारत में पैदा होने वाले चावल की एक ऐसी वैरायटी का पता चला है जिसमें डायबटीज, अनीमिया और कैंसर जैसी बिमारियों से लड़ने की क्षमता के साथ—साथ मोटापे की समस्या का भी इलाज छुपा है। हमारे कहने का मतलब यह नहीं है कि ये चावल दवा का काम करेगा, लेकिन एक शोध में सामने आया है कि इस चावल में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो इन तमाम बीमारियों के इलाज के लिए दवा के रूप हमें दिए जाते हैं। यानी जिन बीमारियों के डर की वजह से हम चाहते हुए भी चावल खाने से बचते है, उनसे डरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

यह चावल छोहारटू किस्म के नाम से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में काफी मात्रा में पैदा होता है। जो दिखने में लाल रंग का होता है। इस लाल चावल पर हुए शोध में सामने आया है कि यह आयरन व जिंक की कमी से होने वाले अनीमिया जैसे रोग से छुटकारा दिला सकता है। चावल की इस वैरायटी में एंटीऑक्साइड और मैग्नीशियम भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। जिस वजह से यह चावल मोटापे की समस्या, डायबटीज और कैंसर के कारकों से लड़ने वाले पोषक तत्वों से भरपूर है। यह गर्भवती महिलाओं के लिए काफी उपयोगी है।

एक आंकड़े के मुताबिक हिमाचल में इस वर्ष इस चावल की पैदावार को बढ़ाने की दिशा में प्रयास किया गया है। कृषि विश्वविद्यालय ने इस चावल को न सिर्फ पेटेंट करवाया है, बल्कि इसकी अन्य हाईब्रिड किस्में तैयार करने की दिशा में भी शोध की तैयारी शुरू कर ली है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक शोध से जुड़े कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्रजाति स्वाद के दृष्टिकोण से मात खाती है। लेकिन इसमें पाए जाने वाले तत्वों से डायबटीज, कैंसर, अनीमिया और मोटापे जैसी बिमारियों के इलाज होता है। जिस वजह से यह बेहतर अहार साबित हो सकता है। वर्तमान समय में यह चावल 50 से 100 रुपए प्रतिकिलो की दर से बाजार में उपलब्ध है। कृषि उत्पादन के नजरिए से इसकी पैदावार अच्छी है और पहाड़ी मौसम को देखते हुए भी इसके पौधे में झुलसा रोग प्रतिरोधी क्षमता भी मौजूद है। अगर इस चावल को बाजार में सही तरीके से बाजार में लाया गया तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी मांग बनाने में कामयाब रहेगा।

आप ने पंसारी की दुकान पर कई वैरायटी के चावल देखे होंगे। हर वैरायटी अपनी अलग पहचान रखती है, किसी का स्वाद तो किसी की खुशबू की वजह से आप उसे खरीदते हैं। लेकिन क्या आपने कभी चावल की किसी ऐसी वैरायटी के बारे में सुना है जिसमें औषधीय गुण पाए जाते हैं। अब भारत में पैदा होने वाले चावल की एक ऐसी वैरायटी का पता चला है जिसमें डायबटीज, अनीमिया और कैंसर जैसी बिमारियों से लड़ने की क्षमता के…