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राहत : डब्ल्यूएचओ का बड़ा बयान, बोला-अब कोरोना का सिर्फ एक ही वैरिएंट घातक

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच देशवासियों को राहत भरी खबर मिली है। बता दें कि भारत में मिले कोरोना वायरस के वैरिएंट के खतरे को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि 'डेल्टा' का अब सिर्फ एक वैरिएंट ही चिंता का विषय है, जबकि बाकी दो स्ट्रेन का खतरा कम हो गया है।

By संतोष सिंह 
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Relief Big Statement Of Who Said Now Only One Variant Of Corona Is Fatal

नई दिल्ली। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच देशवासियों को राहत भरी खबर मिली है। बता दें कि भारत में मिले कोरोना वायरस के वैरिएंट के खतरे को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि ‘डेल्टा’ का अब सिर्फ एक वैरिएंट ही चिंता का विषय है, जबकि बाकी दो स्ट्रेन का खतरा कम हो गया है। कोरोना के इस वेरिएंट को  B.1.617 के नाम से जाना जाता है। इसकी वजह से भारत में कोरोना की दूसरी लहर में भारी तबाही देखने को मिली। यह ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट है क्योंकि यह तीन प्रजातियों (लिनिएज) में है।

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डब्ल्यूएचओ ने मंगलवार को कहा कि सबसे पहले भारत में मिले कोविड-19 का ‘डेल्टा’ वैरिएंट का अब बस एक स्ट्रेन ही अब चिंता का विषय है, जबकि बाकी दो स्ट्रेन का खतरा कम हो गया है। कोरोना के इस वैरिएंट को बी.1.617 नाम से जाना जाता है। इसके तीन वैरिएंट बी.1.617.1, बी.1.617.2 और बी.1.617.3 हैं।

बता दें कि बीते महीने विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के इस वैरिएंट के पूरे स्ट्रेन को ‘वेरिएंट ऑफ कंसर्न’ यानी चिंता वाला वैरिएंट बताया था। इस पर भारत सरकार ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। वहीं अब डब्ल्यूएचओ ने कहा कि इसका बस एक सब लिनिएज ही अब चिंता का विषय है। यानी  B.1.617 वेरिएंट के तीन स्ट्रेन में से बस एक स्ट्रेन चिंता का विषय है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अब बड़े स्तर पर पब्लिक हेल्थ के लिए बी.1.617.2 ही अब चिंता का सबब है, जबकि बाकी के दो स्वरूप में संक्रमण फैलाने की दर बहुत कम है।

डब्ल्यूएचओ में कहा गया कि बी.1.617.2 अब भी वीओसी है और हम इससे संक्रमण फैलने की बढ़ती दर और इस स्वरूप से कई देशों में बढ़ते संक्रमण के मामलों पर नजर रख रहे हैं। इस स्वरूप के असर पर अध्ययन डब्ल्यूएचओ के लिए उच्च प्राथमिकता है।

कोरोना के वैरिएंट का किया नामकरण

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डब्ल्यूएचओ ने सोमवार को कोविड-19 के अहम स्वरूपों को नाम देने के लिए नई प्रणाली की घोषणा की और ये नाम ग्रीक वर्णमाला (जैसे कि अल्फा, बीटा, गामा आदि) पर आधारित हैं, जिससे इन्हें नाम देना और याद रखना आसान हो गया है।

डब्ल्यूएचओ ने अपने बयान में कहा कि भारत में पिछले हफ्ते कोविड-19 के 13,64,668 नए मामले आए जो पिछले हफ्तों के मुकाबले 26 फीसदी कम हैं। ब्राजील में 420,981, अर्जेंटीना में 219,910, अमेरिका में 153,587 और कोलंबिया में 150,517 नए मामले आए। दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में 15 लाख से अधिक नए मामले सामने आए और 29,000 से अधिक लोगों की मौत हुई जो पिछले हफ्ते के मुकाबले क्रमश: 24 फीसदी और आठ फीसदी कम हैं।

बयान में कहा गया कि संक्रमण के मामलों में लगातार तीसरे हफ्ते कमी आई है और मार्च 2021 की शुरुआत के बाद से मौत के मामले पहली बार कम हुए हैं। दक्षिण एशिया क्षेत्र में सबसे अधिक मौत भारत में हुई। इसके बाद इंडोनेशिया और नेपाल में अधिक मौतें हुई।

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