2000 के नोट पर कमल और हाथी क्यों: डिंपल यादव

नई दिल्ली| चुनाव आयोग द्वारा यूपी सरकार की समाजवादी एंबुलेंस सेवा से ‘समाजवादी’ शब्द को ढंकने के दिए निर्देश पर सपा नेता और कन्नौज से सांसद डिंपल यादव ने सवाल उठाया है| उन्होंने कहा कि जब एंबुलेंस सेवा से समाजवादी शब्द हटाने के निर्देश दिए गए हैं तब 2000 के नोट पर कमल और हाथी क्या कर रहा है| चुनाव आयोग को उसपर भी संज्ञान लेना चाहिए| बता दें कि नोटबंदी की घोषणा के बाद जारी हुए 2000 के नोट पर कमल, हाथी और मोर का चित्र है| कमल भाजपा का चुनाव चिह्न है जबकि हाथी बसपा का|




इसके अलावा डिंपल ने अमित शाह के ‘कसाब’ वाले बयान पर निशाना साधा| उन्होंने कहा, “विपक्षी क से पता नहीं क्या बोल रहे हैं, हमें तो स्कूल में क से कबूतर पढ़ाया गया| हम अपने बच्चों को क से कसाब नहीं कंप्यूटर पढ़ाना चाहते हैं| स से स्मार्ट फोन और ब से बहनों को पेंशन बताना चाहते हैं|”




गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने प्रदेश सरकार को चिट्ठी लिखकर समाजवादी एंबुलेंस सेवा में ‘समाजवादी’ शब्द ढकने का निर्देश दिया था, जिसके बाद सरकार ने भी तुरंत हरकत में आते हुए समाजवादी 108 एंबुलेंस सेवा के तहत प्रदेश में संचालित सभी 1488 एंबुलेंस पर अंकित ‘समाजवादी’ शब्द को हटा दिया है| जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में 108 सेवा के तहत इस समय 1488 एंबुलेंस चल रही हैं| इनकी शुरुआत समाजवादी स्वास्थ्य सेवा के नाम से 2012 में की गई थी|

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