योगी सरकार के 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड राजनीतिक धोखा : सपा

समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार द्वारा पेश किए गए सौ दिन के रिपोर्ट कार्ड को राजनीतिक धोखा करार दिया है। पार्टी के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार अपने 100 दिन के कार्यकाल को 100 दिन विश्वास कह रही है लेकिन उसने प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात किया है। जिस सरकार ने कोई कदम ही नहीं उठाया, जिसके पास बजट नहीं, योजना नहीं तो रिपोर्टकार्ड कैसा? वास्तविकता में तो योगी सरकार की अकर्मण्यता के चलते जनता में घोर असंतोष है। 100 दिनों में कोई सरकार अलोकप्रिय हो जाए, यह अपने आप में पहला उदाहरण है।

चौधरी ने यूपी की सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा मंगलवार को गिनवाए गए सौ दिनों के कामों पर चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा में नैतिकता होती तो उसे यह बोलने में संकोच नहीं होना चाहिए था सभी काम तो समाजवादी सरकार में पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कर दिए थे। बस उन्ही के कामों को 100 दिनों से दोहराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा राज में कानून व्यवस्था पूरी तरह से बद्हाल है। पिछली सरकार के मुकाबले अपराध 200 गुना से ज्यादा बढ़ा है। मानो उत्तर प्रदेश में अपराध की बाढ़ आ गई है। अपराधी भयमुक्त हैं और स्वयं पुलिस बल भयग्रस्त है। भगवा अंगोछेवाले वाले इतने निरंकुश हैं कि थानों और पुलिस पर हमला कर रहे हैं। महिलाओं-बच्चियों के साथ रोज दुष्कर्म की घटनाएं हो रहीं है। दिन दहाड़े आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर छात्र-छात्राओं को जेल भेजा जा रहा है। नौजवानों की रोजगार से छंटनी हो रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों को भी छला गया है। न तो किसान का आलू खरीदा गया और न ही लक्ष्य के सापेक्ष गेहूं की खरीद हुई। आर्थिक संकट से परेशान किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहे है। गन्ना किसानों का बकाया भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। खरीफ फसल सूख रही है। किसान के सामने सिंचाई है। बिजली 8 घंटे भी नहीं मिल रही है। प्रदेश में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई थी जिसे नई सरकार ने 100 दिनों में नष्ट कर दिया गया। अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है।

किसानों की बेहतरी के बजाय भाजपा की नीतियां पूंजीघरानों के हितों की रक्षा करती है। सरकार का हर काम रागद्वेष से प्रेरित है और वह समाजवादी सरकार के विरूद्ध दुष्प्रचार को ही उपलब्धि मान रही है। हिटलर के गोएबल्स का रास्ता ‘सौ बार झूठ को दुहराने का था’ वैसे ही भाजपा इसे 100 दिनों में दोहरा रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की दिशाहीन सरकार से किसी मौलिक या व्यवहारिक योजना की अपेक्षा करना ही गलत है। केवल झूठ के बल पर जनता को बरगला कर भाजपा सत्ता में तो आ गई पर उसमें यह क्षमता ही नहीं है कि वह प्रदेश को प्रगति के रास्ते पर ले जाने वाला रोडमैप बना सके। उनकी नीति और नीयत दोनों जातीय वैमनस्य और साम्प्रदायिक उन्माद को बढ़ावा देने वाले हैं। अगर यही आगाज है तो अंजाम क्या होगा। भाजपा सरकार शब्दों का जाल बुनना जानती है लेकिन जनता को वह उलझा नहीं सकेंगे।