खुशखबरी: GST से बड़ी राहत, रेस्टोरेंट समेंत 198 आइटम हुए सस्ते

खुशखबरी: जीएसटी से बड़ी राहत, रेस्टोरेंट समेंत 198 आइटम हुए सस्ते

नई दिल्ली। अगर आप शैम्पू, डियो​डरेंट, आॅफटर शेव, चॉकलेट और चूइंग गम आदि का प्रयोग करते हैं तो आपके लिए खबर सुकून भरी हो सकती है। क्योंकि जीएसटी काउंसिल ने ऐसे 178 प्रोडक्ट्स पर लगने वाले टैैक्स में 10 फीसदी की कमी कर दी है। यानी इन प्रोडक्ट्स को 28 प्रतिशत जीएसटी वाले स्लैब से हटाकर 18 फीसदी जीएसटी वाले स्लैब में डाल दिया गया है। अब केवल 50 प्रोडक्ट और सर्विसेज ही ऐसे बचे हैं जिन पर आपको 28 फीसदी जीएसटी चुकाना होगा। यह जानकारी शुक्रवार को असम के गोवहाटी में समपन्न हुई 23वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद सामने आई है। नई कीमतें 15 नवंबर से लागू होंगी।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस विषय में जानकारी देते हुए कहा कि जीएसटी कांउसिल के सदस्यों के बीच बनी रॉय के बाद छह आइटम जिन पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू था को कर मुक्त श्रेणी में डाला गया है। 8 आइटम 12 प्रतिशत जीएसटी स्लैब से 5 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में आए हैं, जबकि 6 आइटम 18 प्रतिशत वाले जीएसटी स्लैब से 5 प्रतिशत वाले स्लैब में डाले गए हैं। सबसे बड़ा परिवर्तन 28 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में हुए है जिसमें शामिल 178 आइटम को 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब के अंदर समायोजित किया गया है।

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सबसे अच्छी खबर रेस्टोरेंट कारोबारियों और स्टोरेंट में खाने वालों के लिए आई है। 15 नवंबर से एसी और नॉन एसी रेस्टोरेंट्स में खाना सस्ता होगा, क्योंकि अब से आपको रेस्टोरेंट के बिल पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी भरना होगा, लेकिन फाइव स्टार रेस्टोरेंट्स में जाने वालों को किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्व में लगने वाले एक्साइज और वैट टैक्स को ध्यान में रखते हुए आइटम्स का जीएसटी स्लैब ​निर्धारित किया गया था। जिसके बाद काउंसिल ने एक प्रक्रिया के तहत तीन महीनों तक 28 प्रतिशत वाले जीएसटी स्लैब में रखे गए आइटम्स पर नजर रखी और दैनिक जरूरत और आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आने वाले आइटमों को इस स्लैब से बाहर निकालने पर विचार बनाया गया। जिसके बाद 178 आइटम ऐसे पाए गए जिन्हें 28 प्रतिशत जीएसटी स्लैब से हटाकर 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में डाला गया।

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इसके साथ ही जीएसटी काउंसिल ने कारोबारियों को सहूलियत देने के लिहाज से जीएसटी फाइलिंग में आने वाली तकनीकी परेशानियों का समाधान निकालने के लिए भी एक पांच सदस्यीय मॉनीटरिंग ग्रुप बनाया है। ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स में 5 सदस्य होंगे, और ग्रुप का नेतृत्व सुशील कुमार मोदी करेंगे।

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