लखनऊ में डेंगू का कहर जारी, पांच और की मौत

लखनऊ: डेंगू से शनिवार को दो छात्रा समेत पांच लोगों की मौत हो गई। इस बीमारी से मरने वाले मरीजों की संख्या 117 के करीब पहुंच गई है। बलरामपुर, सिविल और लोहिया अस्पताल में उक्त बीमारी की चपेट में आने वाले चार दर्जन से अधिक मरीजों की कार्ड टेस्ट में रिपोर्ट पॉजटिव आयी। डेंगू की प्रारम्भिक जांच के लिए कार्ड टेस्ट किया जाता है। इसके बाद एलाइजा टेस्ट से डेंगू की पुष्टि होती है। यह जांच पीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान और स्वास्य भवन की स्टेट लैब में होती है। शनिवार को एलाइजा टेस्ट में दस मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। सीतापुर रोड स्थित फैजुल्लागंज में डेंगू की गिरफ्त में आने वाले मरीजों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। इस बीमारी की गिरफ्त में आए अब तक छह मरीजों की मौत हो चुकी है।



शनिवार को क्षेत्र के मोहिबुल्लापुर के कसाईबाड़ा मुहल्ला निवासी किशोर की पुत्री 15 वर्षीय सुभाषिनी को लगभग तीन दिनों से बुखार आ रहा था, जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर शेखर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी सुबह मौत हो गई। इसी प्रकार क्षेत्र के ही निवासी 48 वर्षीय तौफिक की मौत भी डेंगू की गिरफ्त में आने से हुई है। विकासनगर के सलौली गांव निवासी सात वर्षीय अंकिता की भी मौत डेंगू की गिरफ्त में आने से हुई है। इसके अलावा गोमतीनगर विस्तार निवासी आठ वर्षीय अलिशा की भी मौत हुई है।

अंकिता का पेपर चल रहा था, जिसके कारण परिजन उसे स्कूल भेज रहे थे। तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण वह पेपर नहीं दे सकी और उसकी शनिवार को निजी अस्पताल में इलाज कराते समय मौत हो गई। वहीं इंदिरानगर निवासी 24 वर्षीय सफीक की मौत डेंगू की गिरफ्त में आने से हुई है। शहर का कोई ऐसा इलाका नहीं है, जहां डेंगू से कोई न कोई पीड़ित न हो। डेंगू को लेकर लोग दहशत में हैं। हालत यह है कि बुखार आने पर डेंगू की जांच करायी जाती है। निजी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के बाद परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में बेड न होने का हवाला देकर भर्ती करने से मना कर रहे हैं।




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