हरिद्वार से उन्नाव तक गंगा में कचरा फेंकने पर लगेगा 50 हजार का जुर्माना

River Ganga As No Development Zone Ngt

नई दिल्ली। हरिद्वार से लेकर उन्नाव तक गंगा किनारे गंदगी करने पर अब 50 हजार तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(NGT) ने गंगा सफाई को लेकर एसकेएचटी रुख अख्तयार किया है। एनजीटी ने हरिद्वार से उन्नाव तक गंगा किनारे को नो डेवेलपमेंट जोन घोषित करते हुए 500 मीटर के दायरे में कचरा ना फेंकने की हिदायत दी है। एनजीटी ने आगे कहा कि नदी के 100 मीटर के अंदर तक किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं होगा।

एनजीटी का कहना है, यूपी सरकार चमड़े का कारखाना जाजमऊ से उन्नाव तक कहीं भी शिफ्ट कर दे और ये काम 6 हफ्तों की भीतर किया जााना चाहिए। ट्रिब्यूनल ने यूपी और उत्तराखंड को गंगा और उसकी सहायक नदियों के घाटों पर होने वाली धार्मिक गतिविधियों के लिए गाइडलाइन बनाने के निर्देश दिए।

इस पर नजर रखने के लिए NGT ने सुपरवाइजर कमेटी का भी गठन किया। ट्रिब्यूनल ने रिपोर्ट और अपने 543 पन्नों के फैसले में ये निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गंगा को जीवित नदी का दर्जा दिया था–

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गंगा को जीवित नदी का दर्जा दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगा दी थी।

नई दिल्ली। हरिद्वार से लेकर उन्नाव तक गंगा किनारे गंदगी करने पर अब 50 हजार तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(NGT) ने गंगा सफाई को लेकर एसकेएचटी रुख अख्तयार किया है। एनजीटी ने हरिद्वार से उन्नाव तक गंगा किनारे को नो डेवेलपमेंट जोन घोषित करते हुए 500 मीटर के दायरे में कचरा ना फेंकने की हिदायत दी है। एनजीटी ने आगे कहा कि नदी के 100 मीटर के अंदर तक किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं…