घाघरा नदी का नाम किया गया सरयू, योगी कैबिनेट में कई अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी

CM Yogi
योगी सरकार 26 जून को बनायेगी इस मामले में रिकॉर्ड, उत्तर प्रदेश बनेगा पहला राज्य

लखनऊ। योगी सरकार की आज हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। जहां कई दिनो से लखनऊ और नोएडा में कमिश्नरी लगाने को लेकर मंजूरी की बाते सामने आ रही थी वहीं आज प्रेस कांफ्रेंस करके यूपी सीएम योगी आदित्यानाथ ने इसका ऐलान भी कर दिया। वहीं योगी कैबिनेट ने एक और अहम फैसला लेते हुए घाघरा नदी का नाम सरयू नदी कर दिया है।

River Ghaghra Named Saryu Yogi Cabinet Approves Many Important Proposals :

आपको बता दें कि घाघरा नदी, गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है। वहीं निचली घाघरा को सरयू नदी भी कहा जाता है। यह नदी दक्षिणी तिब्बत के ऊंचे पर्वत शिखर में मापचाचुंगो हिमनद से निकलती है और उत्तर प्रदेश में बहराइच, सीतापुर, गोंडा, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, मऊ, बस्ती, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी और बलिया से होकर गुजरती है। निचली घाघरा अयोध्या के दायें किनारे पर आता है इसलिए प्रभु राम का जब भी नाम लिया जाता है तो सरयू का ही नाम लिया जाता है। इसी​लिए सरकार ने ये फैसला लिया है कि अब राजस्व अभिलेखों में इसका नाम घाघरा की जगह सरयू दर्ज किया जाएगा।

इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी

योगी सरकार ने फैसला लिया है कि उन्नाव जनपद के थाना कोतवाली सदर में आने वाली दही पुलिस चौकी को उच्चीकृत कर नवीन मार्डन पुलिस थाना बनाया जायेगा। पुलिस विभाग के जर्जर व बेकार पड़े भवनों को ध्वस्त किया जायेगा। जिला कारागार, प्रयागराज को पूरा कराए जाने के लिए प्र्रस्तावित लागत 200 करोड़ से अधिक होने के कारण वित्त विभाग की व्यवस्था के अनुरूप व्यय प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गयी है। विधानसभा क्षेत्र बरेली नगर, जनपद बरेली में बस स्टेशन का निर्माण कराए जाने के लिए मिनी बाईपास पर केंद्रीय कारागार और नगर निगम, बरेली की रिक्त भूमि परिवहन विभाग को निशुल्क दिए जाने को भी मंजूरी मिली है। वहीं गोरखपुर के सोनौली-नौतनवां-गोरखपुर-देवरिया-बलिया मार्ग को गोरखपुर शहर से देवरिया बॉर्डर तक चौड़ीकरण व सुदृढीकरण कराए जाने को भी मंजूरी दी गयी है।

लखनऊ। योगी सरकार की आज हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। जहां कई दिनो से लखनऊ और नोएडा में कमिश्नरी लगाने को लेकर मंजूरी की बाते सामने आ रही थी वहीं आज प्रेस कांफ्रेंस करके यूपी सीएम योगी आदित्यानाथ ने इसका ऐलान भी कर दिया। वहीं योगी कैबिनेट ने एक और अहम फैसला लेते हुए घाघरा नदी का नाम सरयू नदी कर दिया है। आपको बता दें कि घाघरा नदी, गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है। वहीं निचली घाघरा को सरयू नदी भी कहा जाता है। यह नदी दक्षिणी तिब्बत के ऊंचे पर्वत शिखर में मापचाचुंगो हिमनद से निकलती है और उत्तर प्रदेश में बहराइच, सीतापुर, गोंडा, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, मऊ, बस्ती, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी और बलिया से होकर गुजरती है। निचली घाघरा अयोध्या के दायें किनारे पर आता है इसलिए प्रभु राम का जब भी नाम लिया जाता है तो सरयू का ही नाम लिया जाता है। इसी​लिए सरकार ने ये फैसला लिया है कि अब राजस्व अभिलेखों में इसका नाम घाघरा की जगह सरयू दर्ज किया जाएगा। इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी योगी सरकार ने फैसला लिया है कि उन्नाव जनपद के थाना कोतवाली सदर में आने वाली दही पुलिस चौकी को उच्चीकृत कर नवीन मार्डन पुलिस थाना बनाया जायेगा। पुलिस विभाग के जर्जर व बेकार पड़े भवनों को ध्वस्त किया जायेगा। जिला कारागार, प्रयागराज को पूरा कराए जाने के लिए प्र्रस्तावित लागत 200 करोड़ से अधिक होने के कारण वित्त विभाग की व्यवस्था के अनुरूप व्यय प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गयी है। विधानसभा क्षेत्र बरेली नगर, जनपद बरेली में बस स्टेशन का निर्माण कराए जाने के लिए मिनी बाईपास पर केंद्रीय कारागार और नगर निगम, बरेली की रिक्त भूमि परिवहन विभाग को निशुल्क दिए जाने को भी मंजूरी मिली है। वहीं गोरखपुर के सोनौली-नौतनवां-गोरखपुर-देवरिया-बलिया मार्ग को गोरखपुर शहर से देवरिया बॉर्डर तक चौड़ीकरण व सुदृढीकरण कराए जाने को भी मंजूरी दी गयी है।