तीन विधायकों को राजद ने 6 साल के लिए किया निष्कासित, पार्टी विरोधी काम करने का आरोप

    पटना। राष्ट्रीय जनता दल ने अपने ​तीन विधायकों को छह साल के लिए पार्टी से निष्काष्ति कर दिया है। तीनों विधायकों पर पार्टी विरोधी गतिविधयों के काम करने का आरोप है। ये तीनों विधायक महेश्वर प्रसाद यादव, प्रेमा चौधरी और फराज फातिमा को हैं।

    Rjd Expelled Three Mlas For 6 Years Accused Of Doing Anti Party Work :

    जानकारी के मुताबिक, यह तीनों विधायक बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी विरोधी काम कर रहे थे। इसके बाद इन पर कार्रवाई की गयी है। वहीं, चर्चा यह भी है कि यह कार्रवाई पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव के निर्देश पर इन सभी को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।

    वहीं, दूसरी तरफ नीतीश सरकार को बड़ा झटका लगा है। मंत्री श्याम रजक के पार्टी छोड़ने के फैसले को लेकर बिहार में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि वह अपने पुराने घर यानी राष्ट्रीय जनता दल में वापस लौटेंगे। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।

    बताया जा रहा है कि श्याम रजक सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष के पास जाकर पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफा देंगे। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इसे जेडीयू के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।

    पटना। राष्ट्रीय जनता दल ने अपने ​तीन विधायकों को छह साल के लिए पार्टी से निष्काष्ति कर दिया है। तीनों विधायकों पर पार्टी विरोधी गतिविधयों के काम करने का आरोप है। ये तीनों विधायक महेश्वर प्रसाद यादव, प्रेमा चौधरी और फराज फातिमा को हैं। जानकारी के मुताबिक, यह तीनों विधायक बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी विरोधी काम कर रहे थे। इसके बाद इन पर कार्रवाई की गयी है। वहीं, चर्चा यह भी है कि यह कार्रवाई पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव के निर्देश पर इन सभी को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ नीतीश सरकार को बड़ा झटका लगा है। मंत्री श्याम रजक के पार्टी छोड़ने के फैसले को लेकर बिहार में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि वह अपने पुराने घर यानी राष्ट्रीय जनता दल में वापस लौटेंगे। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि श्याम रजक सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष के पास जाकर पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफा देंगे। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इसे जेडीयू के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।