बिहार: सत्ताधारी महागठबंधन में शामिल दो दलों में विवाद जारी, RJD की ओर से नीतीश के खिलाफ जुबानी जंग तेज

पटना: बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन में शामिल दो दलों में जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने सोमवार नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि पूरे राज्य में रिश्वतखोरी चरम पर है, तब ‘जीरो टॉलरेंस’ कहां चला जाता है. उन्होंने कहा कि नीतीश महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं और गठबंधन बचाने की मुख्य जिम्मेदारी उनकी ही है. पटना में पत्रकारों के साथ चर्चा में राजद नेता ने कहा, “नीतीश गाड़ी की ‘स्टीयरिंग’ पर बैठे हैं. हम लोग तो पीछे की सीट पर बैठे हैं. हम लोग केवल उन्हें सचेत कर सकते हैं. गाड़ी चलाना उनकी जिम्मेदारी है.”

“बिहार महागठबंधन में जारी गतिरोध के बीच आरजेडी के दो वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आक्रामक तेवर दिखाए हैं. आरजेडी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह और बिहार के अररिया से पार्टी सांसद मोहम्मद तस्लीमुद्दीन ने नीतीश पर प्रहार करते हुए उन पर बीजेपी के संपर्क में होने का आरोप लगाया है.”

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उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री को बातचीत कर समस्या का हल निकालना चाहिए. अगर कुछ खराब होता है तो इसकी जिम्मेदारी नीतीश कुमार की होगी.” भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने नीतीश पर तंज कसते हुए कहा कि “सिर्फ हवा में बोल देने से कुछ नहीं होता. पूरे राज्य में घूसखोरी चरम पर है, तब ‘जीरो टोलरेंस’ कहां चला जाता है.”

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को आरोपी बनाए जाने के बाद जद (यू) जहां सभी आरोपों के तथ्यात्मक जवाब की मांग कर रहा है, वहीं राजद समय आने पर और सही जगह पर जवाब देने की बात कह रहा है. राजद ने तेजस्वी के इस्तीफे से भी इंकार कर दिया है. इसे लेकर दोनों दल आमने-सामने आ गए हैं.

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सुशील मोदी के निशाने पर लालू परिवार :

बिहार में विपक्ष बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी लालू प्रसाद और उनके परिवार पर पिछले डेढ़ महीने से ‘बेनामी संपत्ति’ को लेकर लगातार आरोप लगाते आ रहे हैं. उन्होंने लालू और उनके परिवार पर करीब एक हजार करोड़ रुपये की ‘बेनामी संपत्ति’ होने का दावा किया था. जेडीयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने बयान दिया था कि तेजस्वी के इस्तीफे से अधिक गठबंधन को बचाया जाना जरुरी है, जिसकी सुशील ने निंदा करते हुए कहा कि अगर महागठबंधन भ्रष्टाचार से समझौता करता है तो उसकी दुर्गति वही होगी जो कि मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यूपीए-2 की हुई थी.

इस ताजा जुबानी जंग के बीच फिलहाल नीतीश कुमार नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए 25 जुलाई को दिल्ली में होंगे.

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