शहर की सडकों पर बिखरी पड़ी थी लाशे, एक साथ मरे थे इतने लोग

नई दिल्ली। दुनिया में कई क्रूर शासकों ने शासन किया, जिन्हें आज भी भूला पाना मुश्किल है जिनका नाम इतिहास के पन्नो में दर्ज है।किसी ने अपनी जिद के लिए लोगों के साथ अत्याचार किया तो किसी ने अपने अहंकार के लिए लोगों की जान ले ली। ऐसा ही एक शासक अमेरिका में हुआ करता था जिसका नाम लेने पर आज भी अमेरिकी नागरिकों की रूह कांप जाती है, जिसका नाम था ‘जिम जोंस।’



 
अमेरिकी इतिहास में जिम जोंस का नाम उस एक घटना से जुड़ा है, जिसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था। आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं गुयाना के जोंसटाउन में हुई उसी घटना की फोटो जिसमे एक एक साथ 918 लोगों ने सुसाइड किया था और 875 लोगों को जहर पीला कर मार दिया गया था
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कम्युनिस्ट विचारधारा वाला जिम जोंस खुद को मसीहा बताता था। उसने 1956 में पीपल्स टेंपल नाम से एक चर्च बनाया था, जिसका मकसद जरूरतमंद लोगों की मदद करना था। देखते ही देखते कई लोग टीम जोंस की बातों से प्रभावित होकर उनके फॉलोवर बन गए। इंडियाना से जिम ने अपना चर्च कैलिफोर्निया के रेडवुड वैली में शिफ्ट किया।




उनके विचार अमेरिकी सरकार से अलग थे, इस वजह से उन्होंने सबसे दूर जाकर साउथ अमेरिका के गुयाना में अपने फॉलोवर्स के साथ बसने का फैसला किया। लेकिन वहां जाकर टीम के फॉलोवर्स को पता चला कि असलियत में टीम जोंस वो नहीं हैं, जो खुद को बताते हैं। 
 
जब तक लोगों को यह बात चली तब तक बहुत देर हो चुका था लोगों के साथ अत्याचार होने लगा था। लोगों से जानवर की तरह बर्ताव किया जा रहा था, 11 घंटों से ज्यादा काम करवाया जाता था। इतना ही नहीं, रात को स्पीकर पर बजने वाले जिम के भाषण की वजह से कोई सो भी नहीं पाता था। लोगों का जीना दुसवार हो गया था जब अमेरिकी सरकार ने वहां से लोगों को निकालने की कोशिश की, तो जिम ने इसे सरकारी क्रूरता करार देते हुए लोगों से एक साथ सुसाइड करने की अपील की।
इनमें से कई लोगों ने जिम की बात मान कर जहर पी लिया और जिन्होंने इसका विरोध किया, उन्हें जबरदस्ती जहर देकर मार दिया गया। इस दिन को अमेरिकी इतिहास में आज भी काले दिन के नाम से जाना जाता है।