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Afghanistan Crisis: तालिबान के खिलाफ ‘पंजशीर के शेर’ अहमद मसूद की दहाड़, सेनानियों से की ये अपील

तालिबानी क्रूरता (Taliban brutality)  की निशानियों ने समूचे विश्व को हतप्रभ कर दिया है। अफगानिस्तान (Afghanistan) पर बंदूखों के बल पर कब्जा जमाने वाले तालिबान को संपूर्ण वैश्विक विरादरी (entire global community)  में आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। तालिबानी आतंक की खबरें पूरी मानवता को डरा रही है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

काबुल: तालिबानी क्रूरता (Taliban brutality)  की निशानियों ने समूचे विश्व को हतप्रभ कर दिया है। अफगानिस्तान (Afghanistan) पर बंदूखों के बल पर कब्जा जमाने वाले तालिबान को संपूर्ण वैश्विक विरादरी (entire global community)  में आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। तालिबानी आतंक की खबरें पूरी मानवता को डरा रही है। अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान विश्व को भरोसा दिलाना चाहता है कि वह अफगानिस्तान में अपना का शासन देगा, लेकिन तालिबाान की बातों पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है। अफगान पर जबरन कब्जे के बाद विश्व के देशों ने अभी तक अफगानिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद पर प्रतिबंध लगाना शुरू कर दिया है।

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दूसरी तरफ, अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद तालिबानी लड़ाकों के लिए अभी पंजशीर और कुछ और प्रांत चुनौती बने हुए है।

तालिबान अभी भी पंजशीर पर कदम नहीं रख पाया है। अफगानिस्तान के उपराष्‍ट्रपति और खुद को कार्यवाहक राष्‍ट्रपति घोषित करने वाले अमरुल्ला सालेह पंजशीर में मौजूद हैं। यहीं पर ही ‘पंजशीर के शेर’ अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद ने तालिबान से लड़ने के लिए लोगों के समर्थन की अपील की है।

खबरों के अनुसार, अफगानिस्तान के राष्ट्रीय प्रतिरोध मोर्चा के नेता अहमद मसूद ने वाशिंगटन पोस्ट अखबार में प्रकाशित एक ऑप-एड के माध्यम से तालिबान के खिलाफ सेनानियों के समर्थन का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उनके लड़ाके “तालिबान से एक बार फिर निपटने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनके पास जो गोला-बारूद है वह लंबी लड़ाई के लिए पर्याप्त नहीं है।”

उन्होंने कहा, ”चाहे कुछ भी हो, मेरे मुजाहिदीन लड़ाके और मैं अफगान स्वतंत्रता के अंतिम गढ़ के रूप में पंजशीर की रक्षा करेंगे। हमारा मनोबल बरकरार है। हम अनुभव से जानते हैं कि हमारे सामने क्या होने वाला है। लेकिन हमें और अधिक हथियार, अधिक गोला-बारूद और अधिक आपूर्ति की आवश्यकता है।

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खबरों के अनुसार, मसूद ने कहा, ”अमेरिका और उसके लोकतांत्रिक सहयोगी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अफगानिस्तान के साथ नहीं है। अब हमारे पास साझा आदर्शों और संघर्षों से बना एक लंबा इतिहास है। अभी भी बहुत कुछ है, जो आप स्वतंत्रता के उद्देश्य में सहायता के लिए कर सकते हैं। आप हमारी एकमात्र शेष आशा हैं।”

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