मनोरमा देवी के बेटे को मिली जमानत

गया: बिहार के गया के चर्चित रोडरेज मामले में व्यवसायी पुत्र आदित्य सचदेवा की हत्या के आरोपी रॉकी यादव को पटना उच्च न्यायालय द्वारा जमानत मिलने से पीड़ित परिवार आहत है। पीड़ित परिवार ने सवाल किया कि ‘कहां है सरकार?’ रॉकी यादव गया से विधान पार्षद (एमएलसी) मनोरमा देवी का बेटा है।

पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति इकबाल अहमद अंसारी की एकल पीठ ने बुधवार को रॉकी यादव की जमानत याचिका की सुनवाई की और देर शाम उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। इससे पहले पटना उच्च न्यायालय से रॉकी यादव के पिता बिंदी यादव और मां मनोरमा देवी को भी जमानत मिल चुकी है।

इधर, रॉकी को जमानत मिलने के बाद पीड़ित परिवार डर गया है। इंसाफ की उम्मीदें खत्म हो गई हैं। आदित्य की मां चंदा सचदेवा फूट-फूट कर रो रही हैं। उन्होंने कहा, “कहां है बिहार सरकार? मेरे बेटे की हत्या के एक महीने बाद सरकार घर आई और कहा इसे छोटा केस नहीं समझिएगा। पर अब क्या हुआ? कातिल को सजा मिलने की सारी उम्मीदें खत्म हो गईं। पांच महीने में आरोपी को जमानत मिल गई।”




पटना उच्च न्यायालय के जमानत के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने के सवाल पर आदित्य के पिता श्याम सचदेवा कहते हैं, “हम लोग क्यों जाएंगे सर्वोच्च न्यायालय? सरकार जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के अभिभावक हैं, जब सरकार ही नहीं जाएगी तो हमलोगों की क्या औकात?” रॉकी यादव जद (यू) की निलंबित विधान पार्षद मनोरमा देवी का बेटा है। रॉकी के पिता बिंदी यादव भी अपने क्षेत्र में काफी दबंग व्यक्ति माने जाते हैं।

आदित्य की मां सवालिया लहजे में कहती हैं, “कोई बताए कि किस आधार पर रॉकी को जमानत दी गई? सारे सबूत रॉकी के खिलाफ थे। हत्या के बाद साथ रहे दोस्तों की गवाही पूरी दुनिया ने सुनी-देखी है। आज भी वह वीडियो मेरे पास है, आप लोगों के पास भी होगा।”

उल्लेखनीय है कि इसी साल सात मई की रात बोधगया से लौट रहे जद (यू) विधान पार्षद मनोरमा देवी के बेटे रॉकी की लैंड रोवर कार को एक व्यवसायी के बेटे आदित्य सचदेवा ने ओवरटेक किया, जिसके बाद दोनों में कहासुनी हुई। इसी दौरान, रॉकी ने कथित तौर पर आदित्य को गोली मार दी। बुरी तरह घायल आदित्य की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद गया में कई दिनों तक बवाल मचा था।