रोहिंग्या शणार्थी नहीं अवैध प्रवासी: राजनाथ सिंह

Rajnath Singh, राजनाथ सिंह
चरमपंथ को रोकना है तो सामाजिक और धार्मिक समूहों को सक्रिय होना पड़ेगा: राजनाथ सिंह
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रोहिंग्या मुसलमानों को भारत में शरण देने और पुर्नवास को लेकर छिड़ी बहस के बीच गुरुवार को केन्द्र सरकार के नजरिए को एकबार फिर स्पष्ट कर दिया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि रोहिंग्या मुसलमान कोई शणार्थी नहीं है, जिन्हें मानवाधिकार की दुहाई देकर भारत में शरण दी जाए। ये अवैध प्रवासी हैं जिन्हें किसी भी सूरत में देश से बाहर निकाला जाएगा। भारत सरकार को ऐसा करने से कोई ताकत नहीं रोक…

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रोहिंग्या मुसलमानों को भारत में शरण देने और पुर्नवास को लेकर छिड़ी बहस के बीच गुरुवार को केन्द्र सरकार के नजरिए को एकबार फिर स्पष्ट कर दिया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि रोहिंग्या मुसलमान कोई शणार्थी नहीं है, जिन्हें मानवाधिकार की दुहाई देकर भारत में शरण दी जाए। ये अवैध प्रवासी हैं जिन्हें किसी भी सूरत में देश से बाहर निकाला जाएगा। भारत सरकार को ऐसा करने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत सरकार पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत में आए उन अल्पसंख्यकों के साथ पूरी सहानुभूति हैं जिन्होंने भारत में शरण ली है। लेकिन हम अवैध रूप से भारत में घुसने वाले रोहिंग्या समुदाय के लोगों को केवल इसलिए शरण नहीं दे सकते क्योंकि वे अल्पसंख्यक हैं। केन्द्र सरकार की पहली प्राथमिकता देश की आंतरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, ना कि किसी पड़ोसी देश की आंतरिक हिंसा से जन्मी आग को अपने देश में जगह देना।

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आपको बता दें कि इससे पहले केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर कुछ ऐसा ही बयान दिया था। उन्होंने रोंहिग्या मुसलमानों को भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा करार दिया था।

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