आरक्षण के लिए दलित बना रोहित वेमुला, खुदकुशी के लिए खुद था जिम्मेदार

नई दिल्ली| केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला की मां ने आरक्षण का फ़ायदा उठाने के लिए दलित होने का दावा किया था और रोहित को छात्रावास से निकाला जाना सही फैसला था| रिपोर्ट में बताया गया है कि वेमुला अपनी आत्महत्या के लिए खुद जिम्मेदार था| उसने छात्रावास से निकाले जाने की वजह से आत्महत्या नहीं की थी बल्कि इसका कारण व्यक्तिगत था| 41 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि रोहित वेमुला को हॉस्टल से निकाला जाना यूनिवर्सिटी का ‘सबसे तार्किक’ फैसला था| जांच रिपोर्ट के अनुसार रोहित ने भेदभाव किए जाने के चलते नहीं बल्कि निजी हताशा के कारण आत्महत्या की थी|




रिपोर्ट में राधिका के उस दावे को गलत बताया गया है जिसमें कहा गया था कि उन्हें पालने-पोसने वाले माता-पिता ने बताया था कि उनके जैविक माता-पिता दलित थे| रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर राधिका को उसके जैविक माता-पिता का नाम नहीं बताया गया था तो उन्हें कैसे पता चला कि वो माला जाति की हैं| रिपोर्ट के अनुसार रोहित वेमुला का जाति प्रमाणपत्र पूरी जांच किए बिना दिया गया था और चूंकि उनकी मां माला समुदाय से नहीं आती इसलिए उनका जाति प्रमाणपत्र सही नहीं था|

गौरतलब है कि 17 जनवरी 2016 को रोहित वेमुला ने आत्महत्या कर ली थी जिसके बाद छात्रों और कुछ राजनीतिक दलों ने घटना का विरोध किया था| 28 जनवरी 2016 को मानव संसाधन मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया था| रोहित की आत्महत्या के बाद हैदराबाद विश्वविद्यालय समेत पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए थे|



Loading...