रोहित वेमुला की मां के आरोप के बाद मुस्लिम लीग ने कहा पूरा करेगी वादा

Rohith Vemula's mother
रोहित वेमुला की मां के आरोप के बाद मुस्लिम लीग ने कहा पूरा करेगी वादा

नई दिल्ली। रोहित वेमुला आत्महत्या मामले को भले ही दो सालों से ज्यादा का समय बीत गया हो, लेकिन देश की राजनीति में आज भी यह एक मुद्दे के रूप में देखा जाता है। रोहित की आत्महत्या को दलित की हत्या के रूप में पेश करने का भरकस प्रयास आज तक किया जा रहा है, जबकि विभिन्न रिपोर्ट में उसके दलित होने और उसकी आत्महत्या के कारणों को कठघरे में खड़ा किया जाता रहा है।

आज दो साल और पांच महीनों के बाद रोहित वेमुला एकबार फिर सुर्खियों में है, इस बार वजह बना है उसकी मां को मिले 20 लाख रूपए के चैक का बाउंस होना। ये चैक केरल की राजनीति में बड़ा हस्तक्षेप रखने वाली पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल- IUML) की ओर से रोहित की मां राधिका को मकान बनाने के लिए 20 लाख की मदद देने के लिहाज से दिया गया था।

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अलग अलग रिपोर्टस के मुताबिक पार्टी ने 10—10 लाख के दो चैक दिए थे, जिनमें से पहला ही बाउंस हो गया। जबकि कुछ रिपोर्टस में रोहित की मां के हवाले से 20 लाख रूपए का चैक बाउंस होने की बात कही है।

इन खबरों के सुर्खियों में आने के बाद आईयूएमएल के नेताओं ने अपना वादा पूरा करने की बात दोहराते हुए कहा कि पार्टी की ओर से जो भी घोषणा की गई थी, उसे पूरा करने के लिए पार्टी वचनबद्ध है।

क्यों मची खलबली —

आईयूएमएल की ओर से मिले चैक बाउंस होने से आहत रोहित वेमुला की मां राधिका ने कहा था कि पार्टी ने उसके बेटे की मौत पर राजनीतिक मुनाफा कमाने के लिए उसके चेहरे का इस्तेमाल किया, लेकिन उसके बेटे की मौत के दो साल बाद भी पार्टी ने मकान के लिए मदद देने के नाम पर 20 लाख की मदद देने का वादा पूरा नहीं किया। उसका दिया चैक बाउंस हो चुका है।

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हालांकि कुछ ही घंटों में इस खबर के सुर्खियों में आने के बाद राधिका बेमुला अपने बयान से पलट गयीं और दूसरा बयान जारी कर कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा​ किश्त रुकी —

रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले में आज तक घेरी जाने वाली केन्द्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि पीड़ादायी है, मौत पर सियासत… जिसकी किश्त चुकाना बाकी है। कुछ लोग है जो एक दुर्भाग्यपूर्ण आत्महत्या में भी लाभ की तलाश रहे है, सच यह है कि यह एक बड़ी क्षति है।

नई दिल्ली। रोहित वेमुला आत्महत्या मामले को भले ही दो सालों से ज्यादा का समय बीत गया हो, लेकिन देश की राजनीति में आज भी यह एक मुद्दे के रूप में देखा जाता है। रोहित की आत्महत्या को दलित की हत्या के रूप में पेश करने का भरकस प्रयास आज तक किया जा रहा है, जबकि विभिन्न रिपोर्ट में उसके दलित होने और उसकी आत्महत्या के कारणों को कठघरे में खड़ा किया जाता रहा है। आज दो साल और पांच…
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