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निर्माण परियोजनाओं में नियमों की अनदेखी करने वाले बिल्डरों पर शिकंजा, रोहतास पर 39 व अंसल पर एक करोड़ का जर्माना

Rohtas Billed On 39 And Ansal Api Fined One Crore 30 Days Found Time

By शिव मौर्या 
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लखनऊ। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के आदेशों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गयी है। रेरा के आदेशों का पालन नहीं करने वाले बिल्डरों पर जुर्माना लगना शुरू हो गया है। अथॉरिटी ने रोहतास प्रोजेक्ट लिमिटेड पर 39.30 करोड़ और अंसल एपीआई पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया है। रेरा का कहना है कि अगर 30 दिन में जुर्गाने की रकम नहीं जमा हुई तो दोनों बिल्डरों से भू—राजस्व की तरह वसूली की जायेगी। इसके साथ ही गौतमबुद्धनगर की मेसर्स उन्नति फॉर्च्यून होल्डिंग्स लिमिटेड के खिलाफ एसआईटी जांच कराने की सिफारिश की गई है। मेसर्स उन्नति पर आरोप है कि वह खरीदारों की रकम को प्रोजेक्ट के अलवा दूसरी जगह खर्च किया जा रहा है।

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रायबरेली रोड़ पर रोहतास बि​ल्डर इंटीग्रेटेड टाउनशिप बना रहा है। जांच में साने आया कि रोहतास बिल्डर से इसका रजिस्ट्रेशन रेरा में नहीं कराया है। इसको लेकर तीन बार अथॉरिटी ने कंपनी को चेताया। बावजूद इसके रोहतास बिल्डर ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया।इसके बाद अथॉरिटी ने कंपनी पर जुर्माना लगाया है। वहीं, रोहतास के सुलतानपुर रोड स्थित प्रोजेक्ट के कागजात अधूरे होने की वजह से उसका रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया है। कंपनी को सभी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए एक महीने का समय दिया है। ऐसा नहीं करने पर कंपनी पर जुर्माना लगाया जायेगा। इसके साथ ही रोहतास के प्रोजेक्ट में आवंटियों के हितों के लिए एक महीने में नीति तैयार करने की जिम्मेदारी रेरा सदस्यों को दी गई है।

15 दिन में आने वाली रिपोर्ट तय करेंगी प्रोजेक्ट का भविष्य
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) सीमा के दस किलोमीटर के दायरे में बनाये जा रहे प्रोजेक्टर के जांच रिमोर्ट सेंसिंग अप्लीकेशन सेंटर को दी गयी है। रेरा ने बताया कि, इस दायरे में बनने वाले प्रोजेक्टर के चिन्हिकरण का काम पूरा हो गया है। इसमें पाया गया है कि 262 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इसमें ज्यादातर प्रोजेक्टर में प्लाटिंग की जा रही है, जबकि 25 प्रतिशत हिस्से में अपार्टमेंट बनाये जा रहे हैं। वहीं 15 दिनों के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार हो जायेगी। रिपोर्ट आने के बाद इन प्रोजेक्ट के संबंध में लखनऊ और बाराबंकी के अधिकारियों केा आदेश दिया जायेगा।

ट्रांस गंगा सिटी प्रॉजेक्ट पर भी कार्रवाई की तैयारी
उन्नाव स्थित ट्रांस गंगा सिटी प्रॉजेक्ट का रजिस्ट्रेशन भी रेरा में नहीं कराया गया हे। इसको लेकर यूपीएसआईडीसी को नोटिस जारी करते हुए रजिस्ट्रेशन के लिए एक माह की मोहलत दी गई है। अथॉरिटी ने नोटिस में प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी मांगी है। अगर एक महीने में जवाब नहीं मिलने पर इसका आकलन कर अथॉरिटी प्रॉजेक्ट की लागत का 10 फीसदी जुर्माना वसूलेगा।

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