शादी वाले घरों में बढ़ी मुसीबतें, 2.5 लाख से अधिक निकालने पर RBI ने रखी कड़ी शर्तें

नई दिल्ली। 500 और 1000 की बड़ी नोट बंद होने के बाद अब शादी वाले घरों में मुसीबतें बढ़ गयी है। आज नोटबंदी का 14वां दिन है और अभी भी बैंको और एटीएम में कैश के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। RBI ने ज्यादा कैश के लिए या यूं कहें कि 2.5 लाख से अधिक कैश निकालने के लिए एक शर्त रख दी है। नोटबंदी को लेकर शादी वाले घरों में सबसे ज्यादा समस्याओं का सामना कर पड़ रहा है और सरकार की नयी शर्त के मुताबिक शादी विवाह के नाम पर अपने खाते से 2.5 लाख कैश निकालने वाले को शादी के कार्ड, मैरिज हॉल और कैटरिंग सेवा के लिए किए गए एडवांस पेमेंट की प्रति देनी होगी।




बता दें कि रिजर्व बैंक ने ये घोषणा सरकार कि शादी विवाह के खर्च के लिए विशेष निकासी कि सुविधा के चार दिन बाद ही जारी कर दिया। निकासी की अनुमति आठ नवंबर के सरकार के निर्णय से पहले के उपलब्ध राशि से ही होगी। उसी दिन सरकार ने 500 और 1,000 रुपये के नोट पर पाबंदी की घोषणा की थी। इतना ही नहीं यह राशि उसी शादी के लिये होगी जो 30 दिसंबर या उससे पहले हो। बैंकों को ये भी सूचित किया गया कि इस प्रकार कि निकासी का रिकॉर्ड बना कर रखें। बैंको में नकदी की कमी को देखते हुए निकासी में कुछ पाबंदी लगाई जा रही है।




रिजर्व बैंक की इस तरह की घोषणा के बाद से और कैश निकासी की समस्या को देखते हुए कई परिवारों ने शादी कि खुशियों के बीच कैश को लेकर कोई समस्या न हो इसलिए परिवार के लोगों ने कई तरह की नयी पहल शुरू कर दी है। नोटबंदी के बाद से बड़े घरानों में शादी के नाम पर भी होने वाली फिजूलखर्ची पर भी काफी हद तक अंकुश लगा है। फिलहाल बाजार में पर्याप्त कैश के अभाव में वर और वधु पक्ष खरीदारी नहीं कर पा रहे है। इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए समाज के लोगों ने नया तरीका निकाल लिया है। इसमें दोनों पक्षो को समझा-बुझाकर रस्मों और रिवाजों में होने वाली फिजूलखर्ची कम की जा रही है। दहेज या अन्य जगह पर होने वाले खर्चे का भुगतान में भी समाज के लोगों ने हाथ बढ़ाए हैं। इस तरह कि पहल से समाज की एकता भी नजर आ रही है।