जमीन का अधिग्रहण कर राम मंदिर बनवाए सरकार: RSS प्रमुख

amit shah mohan bhagwat
जमीन का अधिग्रहण कर राम मंदिर बनवाए सरकार: आरएसएस प्रमुख

नई दिल्ली। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार रात संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की। इससे पहले ही संघ प्रमुख ने कहा कि सरकार कानून बनाकर जमीन का अधिग्रहण करे और राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ करे। वहीं आरएसएस के महासचिव भैया जी जोशी ने कहा, ‘हम चाहते थे कि दीपावली के पहले कोई शुभ समाचार मिल जाए लेकिन सर्वोच्च न्यायलय ने सुनवाई को टाल दिया।

Rss Chief Demands Of Ordinance Over Ram Mandir In Ayodhya :

उन्होने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट से मांग करते हैं कि इस पर गंभीरता से फिर विचार करे और मामले की सुनवाई करे। सबकी इच्छा है कि राम मंदिर बने। उन्होने कहा कि अमे पूरा भरोसा है कि न्याय मिलेगा। बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मुंबई से सटे उत्तन में चल रहे आरएसएस के तीन दिवसीय शिविर में संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलने पहुंचे थे।
दूसरी ओर बीजेपी के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने सदन में इसको लेकर प्राइवेट बिल पेश करने का फैसला किया है. राकेश सिन्हा ने बृहस्पतिवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए वह एक निजी विधेयक लाएंगे. साथ ही उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी नेता इसका समर्थन करेंगे. एक के बाद एक ट्वीट कर राज्यसभा सदस्य सिन्हा ने पूछा कि क्या समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती, माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी और तेदेपा अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू जैसे नेता उनके विधेयक को समर्थन देंगे जो भाजपा और आरएसएस से हमेशा राम मंदिर के बारे में पूछते रहते हैं.

अयोध्या में जल्द ही राम मंदिर निर्माण की पैरवी करते हुए आरएसएस ने बुधवार को कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर कानून बनाना चाहिए। ठीक उसी तरह जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल ने गुजरात में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने केंद्र से 1994 में उच्चतम न्यायालय में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय में किये गए वादों को पूरा करने का अनुरोध किया।

संघ ने कहा कि तत्कालीन सरकार इस बात पर सहमत हो गयी थी कि यदि बाबरी मस्जिद बनने से पहले वहां मंदिर होने के साक्ष्य पाये गये तो वह हिन्दू समुदाय का साथ देगी। संघ के सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि उत्तरप्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मुद्दा हिंदू और मुस्लिम समुदाय तक ही सीमित नहीं है।

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा संवैधानिक तरीके से राम मंदिर के निर्माण की पक्षधर है। 1989 में पालमपुर अधिवेशन में मंदिर के निर्माण के संबंध में संकल्प लिया था। इसमें कोई संशय नहीं है कि भाजपा राम मंदिर के निर्माण को संकल्पबद्ध है। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राम मंदिर पर निजी विधेयक पेश करने के सवाल पर उन्होने कहा कि निजी विधेयक संसद की सम्पत्ति है। इसके बारे मे कोई टिप्प्णी करना उचित नहीं है।

नई दिल्ली। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार रात संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की। इससे पहले ही संघ प्रमुख ने कहा कि सरकार कानून बनाकर जमीन का अधिग्रहण करे और राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ करे। वहीं आरएसएस के महासचिव भैया जी जोशी ने कहा, 'हम चाहते थे कि दीपावली के पहले कोई शुभ समाचार मिल जाए लेकिन सर्वोच्च न्यायलय ने सुनवाई को टाल दिया।उन्होने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट से मांग करते हैं कि इस पर गंभीरता से फिर विचार करे और मामले की सुनवाई करे। सबकी इच्छा है कि राम मंदिर बने। उन्होने कहा कि अमे पूरा भरोसा है कि न्याय मिलेगा। बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मुंबई से सटे उत्तन में चल रहे आरएसएस के तीन दिवसीय शिविर में संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलने पहुंचे थे। दूसरी ओर बीजेपी के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने सदन में इसको लेकर प्राइवेट बिल पेश करने का फैसला किया है. राकेश सिन्हा ने बृहस्पतिवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए वह एक निजी विधेयक लाएंगे. साथ ही उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी नेता इसका समर्थन करेंगे. एक के बाद एक ट्वीट कर राज्यसभा सदस्य सिन्हा ने पूछा कि क्या समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती, माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी और तेदेपा अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू जैसे नेता उनके विधेयक को समर्थन देंगे जो भाजपा और आरएसएस से हमेशा राम मंदिर के बारे में पूछते रहते हैं.अयोध्या में जल्द ही राम मंदिर निर्माण की पैरवी करते हुए आरएसएस ने बुधवार को कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर कानून बनाना चाहिए। ठीक उसी तरह जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल ने गुजरात में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने केंद्र से 1994 में उच्चतम न्यायालय में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय में किये गए वादों को पूरा करने का अनुरोध किया।संघ ने कहा कि तत्कालीन सरकार इस बात पर सहमत हो गयी थी कि यदि बाबरी मस्जिद बनने से पहले वहां मंदिर होने के साक्ष्य पाये गये तो वह हिन्दू समुदाय का साथ देगी। संघ के सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि उत्तरप्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मुद्दा हिंदू और मुस्लिम समुदाय तक ही सीमित नहीं है।बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा संवैधानिक तरीके से राम मंदिर के निर्माण की पक्षधर है। 1989 में पालमपुर अधिवेशन में मंदिर के निर्माण के संबंध में संकल्प लिया था। इसमें कोई संशय नहीं है कि भाजपा राम मंदिर के निर्माण को संकल्पबद्ध है। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राम मंदिर पर निजी विधेयक पेश करने के सवाल पर उन्होने कहा कि निजी विधेयक संसद की सम्पत्ति है। इसके बारे मे कोई टिप्प्णी करना उचित नहीं है।