जजों की बपौती नहीं संविधान, नहीं बदलेगी राम मंदिर की जगह : RSS नेता

rss indresh kumar
जजों की बपौती नहीं संविधान, नहीं बदलेगी राम मंदिर की जगह : RSS नेता

नई दिल्ली। राम मंदिर के मुद्दा लोकसभा चुनाव से पहले गर्माता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे की सुनवाई टलने के बाद से ही कई हिंदू संगठनों ने नाराजगी व्यक्त की है। इसी बीच RSS प्रमुख मोहन भागवत से लेकर अन्य नेताओं ने इस मामले की सुनवाई जल्द से जल्द करने की पैरवी की है।

Rss Indresh Kumar Statement On Ram Mandir And Supreme Court :

RSS के सदस्य इंद्रेश कुमार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को लेकर कहा कि भारत का संविधान जजों की बपौती नहीं है, क्या वो कानून से भी ऊपर हैं। वो चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में चल रहे कार्यक्रम जन्मभूमि से अन्याय क्यों नामक कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम के दौरान इंद्रेश कुमार ने कहा कि राम जन्म स्थान बदलने की इजाजत क्यों दी गई। जब वेटिकन, काबा और स्वर्ण मंदिर नहीं बदले जा सकते तो राम जन्मभूमि कैसे बदली जा सकती है।

इसके अलावा उन्होने कहा कि मस्जिद बनाने की अपनी शर्तें हैं, बाबर को किसी ने जमीन दान में नहीं दी। बाबर ने किसी से जमीन खरीदी भी नहीं थी। जहां मस्जिद बनवाई गई है वो जमीन मंदिर तोड़कर बनवाई गई थी। अगर तोड़कर मस्जिद बनाई गई तो वो गुनाह है और वहां की गई इबादत स्वीकार नहीं होगी, इसके बावजूद बाबर ने कोई इस्लाम का कोई नियम नहीं माना।

संघ नेता ने इस दौरान कहा कि इस्लाम और कुरान शरीफ का अपमान किया, क्या मुसलमान उस बाबर की इबादत करना चाहेंगे। इस्लाम के मुताबिक, मस्जिद किसी इंसान या शहंशाह के नाम पर नहीं हो सकती लेकिन बाबर ने मुसलमानों से अल्लाह का नाम छीन लिया और अपना नाम मस्जिद को दे दिया।

नई दिल्ली। राम मंदिर के मुद्दा लोकसभा चुनाव से पहले गर्माता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे की सुनवाई टलने के बाद से ही कई हिंदू संगठनों ने नाराजगी व्यक्त की है। इसी बीच RSS प्रमुख मोहन भागवत से लेकर अन्य नेताओं ने इस मामले की सुनवाई जल्द से जल्द करने की पैरवी की है। RSS के सदस्य इंद्रेश कुमार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को लेकर कहा कि भारत का संविधान जजों की बपौती नहीं है, क्या वो कानून से भी ऊपर हैं। वो चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में चल रहे कार्यक्रम जन्मभूमि से अन्याय क्यों नामक कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम के दौरान इंद्रेश कुमार ने कहा कि राम जन्म स्थान बदलने की इजाजत क्यों दी गई। जब वेटिकन, काबा और स्वर्ण मंदिर नहीं बदले जा सकते तो राम जन्मभूमि कैसे बदली जा सकती है। इसके अलावा उन्होने कहा कि मस्जिद बनाने की अपनी शर्तें हैं, बाबर को किसी ने जमीन दान में नहीं दी। बाबर ने किसी से जमीन खरीदी भी नहीं थी। जहां मस्जिद बनवाई गई है वो जमीन मंदिर तोड़कर बनवाई गई थी। अगर तोड़कर मस्जिद बनाई गई तो वो गुनाह है और वहां की गई इबादत स्वीकार नहीं होगी, इसके बावजूद बाबर ने कोई इस्लाम का कोई नियम नहीं माना। संघ नेता ने इस दौरान कहा कि इस्लाम और कुरान शरीफ का अपमान किया, क्या मुसलमान उस बाबर की इबादत करना चाहेंगे। इस्लाम के मुताबिक, मस्जिद किसी इंसान या शहंशाह के नाम पर नहीं हो सकती लेकिन बाबर ने मुसलमानों से अल्लाह का नाम छीन लिया और अपना नाम मस्जिद को दे दिया।