राम मंदिर को लेकर आरएसएस नेता ने CJI पर उठाए सवाल, कहा हिंदू भावनाएं हो रही आहत

rss inderesh singh
राम मंदिर को लेकर आरएसएस नेता ने CJI पर उठाए सवाल, कहा हिंदू भावनाएं हो रही आहत

नई दिल्‍ली। अयोध्‍या राम मंदिर मामले को लेकर आरएसएस नेता ने सीजेआई पर ही सवाल उठा दिया है। आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा, ‘मैंने किसी का नाम नहीं लिया है, क्योंकि 125 करोड़ भारतीय उनके नाम जानते हैं, तीन जजों की एक बेंच वहां थी। उन्होंने देरी की, उन्होंने इसे नकारा, उन्होंने अपमान किया। ये उन्होंने अनुचित किया है।

Rss Leader Indresh Kumar On Cji Over Ayodhya Ram Mandir Case :

अयोध्या में जल्द से जल्द राम मंदिर के निर्माण के लिए एक अध्यादेश लाने या कानून बनाने की मंगलवार को मांग की। संघ का कहना है कि सुनवाई में विलंब करने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला हिंदू भावनाओं को ‘आहत’ करता है। उन्‍होंने कहा कि सरकार को जल्‍द कदम उठाने चाहिए।

बता दें कि इन दिनों राम मंदिर के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीति शुरू हो गई है। रविवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था, धैर्य का समय अब खत्म हुआ और अगर उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मामला सुप्रीम कोर्ट की प्राथमिकता में नहीं है तो मंदिर निर्माण कार्य के लिए कानून लाना चाहिए। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद की एक रैली में भागवत ने कहा कि यह ‘आंदोलन का निर्णायक चरण’ है।

नई दिल्‍ली। अयोध्‍या राम मंदिर मामले को लेकर आरएसएस नेता ने सीजेआई पर ही सवाल उठा दिया है। आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा, 'मैंने किसी का नाम नहीं लिया है, क्योंकि 125 करोड़ भारतीय उनके नाम जानते हैं, तीन जजों की एक बेंच वहां थी। उन्होंने देरी की, उन्होंने इसे नकारा, उन्होंने अपमान किया। ये उन्होंने अनुचित किया है। अयोध्या में जल्द से जल्द राम मंदिर के निर्माण के लिए एक अध्यादेश लाने या कानून बनाने की मंगलवार को मांग की। संघ का कहना है कि सुनवाई में विलंब करने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला हिंदू भावनाओं को 'आहत' करता है। उन्‍होंने कहा कि सरकार को जल्‍द कदम उठाने चाहिए। बता दें कि इन दिनों राम मंदिर के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीति शुरू हो गई है। रविवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था, धैर्य का समय अब खत्म हुआ और अगर उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मामला सुप्रीम कोर्ट की प्राथमिकता में नहीं है तो मंदिर निर्माण कार्य के लिए कानून लाना चाहिए। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद की एक रैली में भागवत ने कहा कि यह ‘आंदोलन का निर्णायक चरण' है।