आरटीआई एक्टिविस्ट को महाराजगंज डीएम ने गैंगेस्टर घोषित कर किया जिलाबदर, हाईकोर्ट ने सरकार को किया तलब

लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती से पेश आ रहे हैं। मुख्यमंत्री का स्पष्ट कहना है कि वह किसी भी स्तर पर और किसी तरह का भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं करेंगे। सूबे का मुखिया भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसे तेवर रखता हो उसी सूबे के अधिकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वालों को कानून के लपेटे में लेने में जुटे हैं। मामला यूपी के महाराजगंज जिले का है, जहां के आरटीआई एक्टविस्ट अनिल कुमार गुप्ता को जिलाधिकारी विरेन्द्र कुमार सिंह ने जिलाबदर कर दिया है।अनिल कुमार गुप्ता को महाराजगंज जिले के कई घोटालों का राजफाश करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाते हैं।

Rti Activist From Maharajganj Became Gangster Now Allahabad High Court Questions Uttar Pradesh Government Over The Issue :

अब ये मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायाधीश अब्दुल मोईन की खंडपीठ ने इस मामले में दाखिल की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यूपी सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने 20 मार्च को यूपी के मुख्य सचिव को इस विषय में तलब किया है।

मिली जानाकारी के मुताबिक महाराजगंज जिलाधिकारी की ओर से अनिल कुमार गुप्ता के खिलाफ गुंडा एक्ट लगाया गया है। जिलाधिकारी कार्यालय की स्वीकृति के आधार पर ही महाराजगंज जिला सत्र न्यायालय ने 21 फरवरी 2018 को अनिल कुमार गुप्ता को छह महीनों के लिए जिलाबदर किया था। आरटीआई कार्यकर्ता के खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से मामला दर्ज करवाया है।

बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले को अपनी प्राथमिकता वाले टॉप 10 मामलों में जगह दी है।

लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती से पेश आ रहे हैं। मुख्यमंत्री का स्पष्ट कहना है कि वह किसी भी स्तर पर और किसी तरह का भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं करेंगे। सूबे का मुखिया भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसे तेवर रखता हो उसी सूबे के अधिकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वालों को कानून के लपेटे में लेने में जुटे हैं। मामला यूपी के महाराजगंज जिले का है, जहां के आरटीआई एक्टविस्ट अनिल कुमार गुप्ता को जिलाधिकारी विरेन्द्र कुमार सिंह ने जिलाबदर कर दिया है।अनिल कुमार गुप्ता को महाराजगंज जिले के कई घोटालों का राजफाश करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाते हैं। अब ये मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायाधीश अब्दुल मोईन की खंडपीठ ने इस मामले में दाखिल की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यूपी सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने 20 मार्च को यूपी के मुख्य सचिव को इस विषय में तलब किया है। मिली जानाकारी के मुताबिक महाराजगंज जिलाधिकारी की ओर से अनिल कुमार गुप्ता के खिलाफ गुंडा एक्ट लगाया गया है। जिलाधिकारी कार्यालय की स्वीकृति के आधार पर ही महाराजगंज जिला सत्र न्यायालय ने 21 फरवरी 2018 को अनिल कुमार गुप्ता को छह महीनों के लिए जिलाबदर किया था। आरटीआई कार्यकर्ता के खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से मामला दर्ज करवाया है। बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले को अपनी प्राथमिकता वाले टॉप 10 मामलों में जगह दी है।