2000 का नोट बंद करने वाली है मोदी सरकार, इस अफवाह से छोटे दुकानदार डरे

2000 Note
लखनऊ। 8 नवंबर 2016 की शाम देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई नोटबंदी की घोषणा ने चंद घंटों में 1000 और 500 के करेंसी नोटों को रद्दी बना दिया था। करीब पांच महीनों तक चली करेंसी की तंगी से उबरे कम पूंजी वाले दुकानदारों के बीच इस बार 2000 के नए नोट को बंद किए जाने की अफवाह फैली है। ऐसी ही अफवाह के शिकार लखनऊ के एक दुकानदार ने 2000 का नोट लेने से…

लखनऊ। 8 नवंबर 2016 की शाम देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई नोटबंदी की घोषणा ने चंद घंटों में 1000 और 500 के करेंसी नोटों को रद्दी बना दिया था। करीब पांच महीनों तक चली करेंसी की तंगी से उबरे कम पूंजी वाले दुकानदारों के बीच इस बार 2000 के नए नोट को बंद किए जाने की अफवाह फैली है।

ऐसी ही अफवाह के शिकार लखनऊ के एक दुकानदार ने 2000 का नोट लेने से मना करते हुए कहा कि 2000 का नोट कभी भी बंद हो सकता है, इसलिए उसने 2000 का नोट लेना बंद कर दिया है। समान खरीदना है तो उसे खुले पैसे देने पड़ेंगे। जब उससे पूछा गया कि ऐसी जानकारी उसे कहां से मिली है तो उसने बताया कि उसके किसी मिलने वाले ने बताया है कि जीएसटी लागू होने के बाद मोदी सरकार 2000 के नोट को बंद करने वाली है। जिसके बाद से उसने 2000 का नोट लेना बंद कर दिया है।

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इस तरह की अफवाह सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पड़ताल करना लाजमी था, क्योंकि सोशल मीडिया इस तरह की अफवाहों के ठिकाने के रूप में जानी जाती है, लेकिन तमाम खोजबीन के बाद भी इस तरह की कोई जानकारी सोशल मीडिया पर नहीं मिली। हालांकि इससे पहले 2000 का नोट चलन में आने के साथ ही ऐसी अफवाह वायर हुई थी कि सरकार जनवरी 2017 में 2000 के नोट बंद कर देगी।

बैंकिंग सिस्टम के जानकारों की माने तो नोटबंदी होने के आठ महीने बीत चुके हैं, 1000 रुपए के नोट के विकल्प के रूप में 2000 का नोट आने के बावजूद बाजार नगदी का प्रवाह सामान्य नहीं हो सका है। रिजर्व बैंक लगातार नई करेंसी छाप रही है। ऐसी परिस्थितियों में 2000 के नोट को बंद करने बाजार में नगदी का नया संकट खड़ा हो सकता है। जिसके लिए केन्द्र सरकार और हमारा बैंकिंग सिस्टम दोनों ही तैयार नहीं होंगे। केन्द्र सरकार भी जानती है कि भारत जैसे बड़ी जनसंख्या वाले देश में बार बार बिना विकल्प तैयार किए नोटबंदी जैसे फैसले को लागू करना आसान नहीं होगा।

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