आजादी के बाद ‘मोदीराज’ में पहली बार डॉलर के मुकाबले 70 पार हुआ रुपया

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आजादी के बाद 'मोदीराज' में पहली बार डॉलर के मुकाबले 70 पार हुआ रुपया

नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 70 के पार चला गया। बताते चलें कि 1947 से लेकर अभी तक यह रुपये की सबसे बड़ी गिरावट है। रुपये ने बीते साल डॉलर की तुलना में 5.96 फीसदी की मजबूती दर्ज की थी, जो अब 2018 की शुरुआत से लगातार कमजोर हो रहा है। इस साल अभी तक रुपया 10 फीसदी टूट चुका है। हालांकि मंगलवार को इसकी शुरुआत 8 पैसे की मजबूती से हुई थी, लेकिन इसके बावजूद यह 69 के स्तर पर बना हुई थी।

Rupee For The Very First Time Breaches 70 Dollar Mark :

तुर्की के आर्थिक संकट का असर ग्‍लोबल इकोनॉमी पर पड़ रहा है जिसकी वजह से सोमवार से दुनियाभर की मुद्राओं की स्थिति डगमगा गई थी। जिसकी वजह से भारतीय रुपए पर भी भारी कमजोरी देखने को मिली थी। पिछले 5 वर्षों में रुपये में यह एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट थी। इससे पूर्व अगस्त 2013 में रुपया एक दिन में 148 पैसे की गिरावट के साथ बंद हुआ था। रुपये ने बीते साल डॉलर की तुलना में 5.96 फीसदी की मजबूती दर्ज की थी, जो अब 2018 की शुरुआत से लगातार कमजोर हो रहा है।

दिनभर निवेशकों में अफरातफरी का माहौल रहा। हालांकि नीति निर्माताओं और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) की तरफ से टूटते रुपये को संभालने के अब तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। लीरा के धड़ाम हो जाने के चलते डॉलर के मुकाबले दुनियाभर की अधिकांश मुद्राओं को गिरावट का सामना करना पड़ा।

नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 70 के पार चला गया। बताते चलें कि 1947 से लेकर अभी तक यह रुपये की सबसे बड़ी गिरावट है। रुपये ने बीते साल डॉलर की तुलना में 5.96 फीसदी की मजबूती दर्ज की थी, जो अब 2018 की शुरुआत से लगातार कमजोर हो रहा है। इस साल अभी तक रुपया 10 फीसदी टूट चुका है। हालांकि मंगलवार को इसकी शुरुआत 8 पैसे की मजबूती से हुई थी, लेकिन इसके बावजूद यह 69 के स्तर पर बना हुई थी। तुर्की के आर्थिक संकट का असर ग्‍लोबल इकोनॉमी पर पड़ रहा है जिसकी वजह से सोमवार से दुनियाभर की मुद्राओं की स्थिति डगमगा गई थी। जिसकी वजह से भारतीय रुपए पर भी भारी कमजोरी देखने को मिली थी। पिछले 5 वर्षों में रुपये में यह एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट थी। इससे पूर्व अगस्त 2013 में रुपया एक दिन में 148 पैसे की गिरावट के साथ बंद हुआ था। रुपये ने बीते साल डॉलर की तुलना में 5.96 फीसदी की मजबूती दर्ज की थी, जो अब 2018 की शुरुआत से लगातार कमजोर हो रहा है। दिनभर निवेशकों में अफरातफरी का माहौल रहा। हालांकि नीति निर्माताओं और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) की तरफ से टूटते रुपये को संभालने के अब तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। लीरा के धड़ाम हो जाने के चलते डॉलर के मुकाबले दुनियाभर की अधिकांश मुद्राओं को गिरावट का सामना करना पड़ा।