रूस में रॉकेट परीक्षण के दौरान हुआ धमाका, 5 परमाणु वैज्ञानिकों की मौत, फैला रेडिएशन

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रूस में रॉकेट परीक्षण के दौरान हुआ धमाका, 5 परमाणु वैज्ञानिकों की मौत, फैला रेडिएशन

नई दिल्ली। रूस के सुदूर उत्तरी क्षेत्र के एक सैन्य ठिकाने पर उपकरणों के परीक्षण के दौरान हुए धमाके में पांच परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो गई। इस धमाके के चलते कम से कम 9 लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, यह हादसा गुरुवार को हुआ था। रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया है कि धमाके के बाद घटनास्थल से परमाणु रेडिएशन फैलने की भी खबर है।

Russia 5 Nuclear Scientists Dead After Blast At Missile Testing Site Fears Of Radiation :

बताया जाता है कि इस हादसे के बाद न्योनोस्का से 47 किलोमीटर दूर सेवेरोद्विंस्क शहर में रेडिएशन (Radiation) फैल गया है। रूसी सरकार ने अधिकारी ने बयान जारी कर बताया है कि धमाके बाद सेवेरोद्विंस्क शहर में रेडिएशन स्तर सामान्य से 20 गुना ऊपर पहुंच गया है। मेडिकल टीम ने केमिकल और न्यूक्लियर प्रोटेक्शन सूट पहनकर सभी घायलों को टेस्ट साइट से बाहर निकाल लिया है। मेडिकल टीम ने केमिकल और न्यूक्लियर प्रोटेक्शन सूट पहनकर सभी घायलों को टेस्ट साइट से बाहर निकाल लिया है।

रेडिएशन को लेकर लोगों में डर की स्थिति

रूस की न्यूक्लियर कंपनी रोसातोम के मुताबिक, हादसा रॉकेट के लिक्विड प्रोपेलेंट इंजन के परीक्षण के दौरान हुआ। वैज्ञानिक आइसोटोप के जरिए प्रपुल्शन सिस्टम को चलाने का प्रयास कर रहे थे। हादसे के दो दिन बाद तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। टेस्टिंग साइट के पास मौजूद आर्खनगेल्सक और सेवेरोद्विंस्क शहरों में रेडिएशन को लेकर लोगों में डर है। मेडिकल स्टोर्स पर आयोडीन लेने के लिए भीड़ लग गई। बताया गया है कि दोनों शहरों में यह दवा खात्मे की कगार पर है।

इस हफ्ते का दूसरा बड़ा हादसा

रूस में इस हफ्ते का यह दूसरा बड़ा हादसा रहा। इससे पहले सोमवार को साइबेरिया स्थित हथियारों के गोदाम (एम्युनिशन डम्प) में आग लगने से इलाके में धमाके शुरू हो गए। इसमें एक की मौत हुई जबकि 8 अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए। हालांकि, सरकार ने लगभग तुरंत ही एक्शन लेते हुए इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और 9500 लोगों को खतरे से बाहर निकाला।

नई दिल्ली। रूस के सुदूर उत्तरी क्षेत्र के एक सैन्य ठिकाने पर उपकरणों के परीक्षण के दौरान हुए धमाके में पांच परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हो गई। इस धमाके के चलते कम से कम 9 लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, यह हादसा गुरुवार को हुआ था। रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया है कि धमाके के बाद घटनास्थल से परमाणु रेडिएशन फैलने की भी खबर है। बताया जाता है कि इस हादसे के बाद न्योनोस्का से 47 किलोमीटर दूर सेवेरोद्विंस्क शहर में रेडिएशन (Radiation) फैल गया है। रूसी सरकार ने अधिकारी ने बयान जारी कर बताया है कि धमाके बाद सेवेरोद्विंस्क शहर में रेडिएशन स्तर सामान्य से 20 गुना ऊपर पहुंच गया है। मेडिकल टीम ने केमिकल और न्यूक्लियर प्रोटेक्शन सूट पहनकर सभी घायलों को टेस्ट साइट से बाहर निकाल लिया है। मेडिकल टीम ने केमिकल और न्यूक्लियर प्रोटेक्शन सूट पहनकर सभी घायलों को टेस्ट साइट से बाहर निकाल लिया है। रेडिएशन को लेकर लोगों में डर की स्थिति रूस की न्यूक्लियर कंपनी रोसातोम के मुताबिक, हादसा रॉकेट के लिक्विड प्रोपेलेंट इंजन के परीक्षण के दौरान हुआ। वैज्ञानिक आइसोटोप के जरिए प्रपुल्शन सिस्टम को चलाने का प्रयास कर रहे थे। हादसे के दो दिन बाद तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। टेस्टिंग साइट के पास मौजूद आर्खनगेल्सक और सेवेरोद्विंस्क शहरों में रेडिएशन को लेकर लोगों में डर है। मेडिकल स्टोर्स पर आयोडीन लेने के लिए भीड़ लग गई। बताया गया है कि दोनों शहरों में यह दवा खात्मे की कगार पर है। इस हफ्ते का दूसरा बड़ा हादसा रूस में इस हफ्ते का यह दूसरा बड़ा हादसा रहा। इससे पहले सोमवार को साइबेरिया स्थित हथियारों के गोदाम (एम्युनिशन डम्प) में आग लगने से इलाके में धमाके शुरू हो गए। इसमें एक की मौत हुई जबकि 8 अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए। हालांकि, सरकार ने लगभग तुरंत ही एक्शन लेते हुए इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और 9500 लोगों को खतरे से बाहर निकाला।