राष्ट्रपति चुनाव में रूस ने की थी डोनाल्ड ट्रंप की मदद, जांच में हुआ खुलासा

डोनाल्ड ट्रंप और रूस
राष्ट्रपति चुनाव में रूस ने की थी डोनाल्ड ट्रंप की मदद, जांच में हुआ खुलासा

नई दिल्ली। साल 2016 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस ने डोनाल्ड ट्रंप की मदद की थी। ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन की एक जांच कमेटी ने इसका खुलासा किया है।
सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की 2016 चुनाव जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस के सेंट पीटर्सबर्ग स्थित इंटरनेट रिसर्च एजेंसी (आईआरए) ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के लिए समर्थन जुटाया था।

Russia Helped Donald Trump In Presidential Election Investigation Revealed :

जिस कारण चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को काफी नुकसान हुआ और वह चुनाव हार गईं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ये सब रूसी राष्ट्रपति के आदेश पर किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार आईआरए ने 2016 चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार रहे डोनाल्ड ट्रंप को अपनी सोशल मीडिया एक्टिविटी के जरिए भारी समर्थन दिलाया।

अमेरिका में तीन कांग्रेस समितियों के प्रमुखों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने से जुड़ी जांच का कानूनी आदेश व्हाइट हाउस में पेश कर दिया है। इस बीच अमेरिकी संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने इससे जुड़े एक मामले में यूक्रेन पर दबाव बनाने के लिए उपराष्ट्रपति माइक पेंस से उनकी संभावित भूमिका को लेकर दस्तावेज मांगे हैं।

बता दें कि ट्रंप पर उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन को नुकसान पहुंचाने के मकसद से यूक्रेन से जानकारियां साझा करने के आरोप हैं। हालांकि ट्रंप इससे इनकार करते रहे हैं जबकि चीन और यूक्रेन से उन्होंने सार्वजनिक रूप से बिडेन और उनके बेटे के खिलाफ जांच शुरू करने को लेकर मदद मांगी है।

महाभियोग से जुड़ी डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन प्रमुख सांसदों ने पेंस को लिखे एक पत्र में लिखा, ‘हाल ही में सार्वजनिक रिपोर्टों में यूक्रेन के राष्ट्रपति को ट्रंप का संदेश पहुंचाने या उसका समर्थन करने में आपकी संभावित भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अत: प्रतिनिधि सभा की महाभियोग की जांच के लिए, अनुरोध कर रहे हैं कि आप 15 अक्तूबर तक निर्धारित दस्तावेज पेश करें।’

नई दिल्ली। साल 2016 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस ने डोनाल्ड ट्रंप की मदद की थी। ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन की एक जांच कमेटी ने इसका खुलासा किया है। सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की 2016 चुनाव जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस के सेंट पीटर्सबर्ग स्थित इंटरनेट रिसर्च एजेंसी (आईआरए) ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के लिए समर्थन जुटाया था। जिस कारण चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को काफी नुकसान हुआ और वह चुनाव हार गईं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ये सब रूसी राष्ट्रपति के आदेश पर किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार आईआरए ने 2016 चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार रहे डोनाल्ड ट्रंप को अपनी सोशल मीडिया एक्टिविटी के जरिए भारी समर्थन दिलाया। अमेरिका में तीन कांग्रेस समितियों के प्रमुखों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने से जुड़ी जांच का कानूनी आदेश व्हाइट हाउस में पेश कर दिया है। इस बीच अमेरिकी संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने इससे जुड़े एक मामले में यूक्रेन पर दबाव बनाने के लिए उपराष्ट्रपति माइक पेंस से उनकी संभावित भूमिका को लेकर दस्तावेज मांगे हैं। बता दें कि ट्रंप पर उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन को नुकसान पहुंचाने के मकसद से यूक्रेन से जानकारियां साझा करने के आरोप हैं। हालांकि ट्रंप इससे इनकार करते रहे हैं जबकि चीन और यूक्रेन से उन्होंने सार्वजनिक रूप से बिडेन और उनके बेटे के खिलाफ जांच शुरू करने को लेकर मदद मांगी है। महाभियोग से जुड़ी डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन प्रमुख सांसदों ने पेंस को लिखे एक पत्र में लिखा, ‘हाल ही में सार्वजनिक रिपोर्टों में यूक्रेन के राष्ट्रपति को ट्रंप का संदेश पहुंचाने या उसका समर्थन करने में आपकी संभावित भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अत: प्रतिनिधि सभा की महाभियोग की जांच के लिए, अनुरोध कर रहे हैं कि आप 15 अक्तूबर तक निर्धारित दस्तावेज पेश करें।’