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रूस मातृभूमि की रक्षा के लिए कुछ भी करने को तैयार, किसी धोखे में न रहें पश्चिमी देश : Vladimir Putin

रूस (Russia) के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन (President Vladimir Putin) ने रूस को परमाणु हथियार की धमकी (Nuclear weapons threat to Russia) देने वाले पश्चिमी देशों (Western Countries) को कड़ा संदेश दिया है। बुधवार को कहा कि जो ऐसी धमकियां दे रहे हैं वे यह बात ध्यान में रखें कि अपनी मातृभूमि की रक्षा (Protect the Motherland) के लिए रूस वह सब कुछ करेगा जो जरूरी है । पश्चिमी देश (Western Countries) किसी धोखे में न रहें।

By संतोष सिंह 
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मास्को । रूस (Russia) के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन (President Vladimir Putin) ने रूस को परमाणु हथियार की धमकी (Nuclear weapons threat to Russia) देने वाले पश्चिमी देशों (Western Countries) को कड़ा संदेश दिया है। बुधवार को कहा कि जो ऐसी धमकियां दे रहे हैं वे यह बात ध्यान में रखें कि अपनी मातृभूमि की रक्षा (Protect the Motherland) के लिए रूस वह सब कुछ करेगा जो जरूरी है । पश्चिमी देश (Western Countries) किसी धोखे में न रहें।

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यह जानकारी सरकारी एजेंसी ‘तास’ (Government Agency ‘Taas’) ने दी है। देश के नाम टेलीविजन पर दिये संदेश में रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि जो हमें परमाणु हथियारों की धमकी दे रहें हैं उन्हें पता होना चाहिए कि हवा का रूख कभी भी मुड़ सकता है। अपनी मातृभूमि (Motherland) केऔर लोगों की रक्षा के लिए हम वह सब कुछ करेंगे जो जरूरी होगा। अपनी आजादी की रक्षा के लिए मैं दोहराता हूं कि हम वह सब कुछ करेंगे जो जरूरी होगा।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से पश्चिमी देश ऐसा दिखा रहे हैं कि वे रूस को बरबाद करना चाहते हैं और इसके लिए वह यूक्रेन के लोगों को युद्ध में बलि का बकरा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य डोनबास क्षेत्र को आजाद कराना है। इसके लिए यूक्रेन के आजाद इलाकों में अपने लोगों की सुरक्षा के लिए और सेना भेजे जाने को लेकर मैंने रक्षा विभाग से भी बात की है। इसके लिए डिक्री पर हस्ताक्षर किये जा चुके हैं और बुधवार से सेना को भेजना शुरू कर दिया जायेगा।

श्री पुतिन ने अपने संबोधन में कहा कि मैं आपके समर्थन पर भरोसा रखता हूं। यूक्रेन में जो हिस्से रूस के कब्जे में हैं वहां के निवासी नये नाजीवाद के शिकंजे में नहीं फंसना चाहते हैं,ऐसी रिपोर्ट तमाम अंतरराष्ट्रीय मीडिया में हैं। इन इलाकों जैसे लुहांस्क, दोनेत्स्क , खोरसां और जेपोरिजिया में जनमतसंग्रह (Referendum) कराया जायेगा और हम उन लोगों के साथ हैं जो यूक्रेन के साथ नहीं रहना चाहते हैं।

इन क्षेत्रों के प्रशासन ने कहा है कि जनमतसंग्रह (Referendum) शुक्रवार को शुरू किया जायेगा। दूसरी ओर पश्चिमी देशों (Western Countries)  अमेरिका (America) ,जर्मनी (Germany) और फ्रांस (France) आदि ने साफ किया है कि अगर ऐसा कुछ रूस की ओर से कराया भी जाता है तो उसे स्वीकार नहीं किया जायेगा।

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