आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में रूस हमारे साथ: मोदी

गोवा| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रूस को ‘भारत का पुराना मित्र’ करार देते हुए संकेत दिया कि रूस ने 18 सितंबर को उड़ी में भारतीय सैन्य शिविर पर आतंकवादी हमले के बाद भारत द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादी लॉन्च पैड्स पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन किया है। मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह सीमा पार के आतंकवाद से लड़ने की कार्रवाई में रूस के समर्थन की तहेदिल से प्रशंसा करते हैं।




मोदी ने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया और न ही भारतीय सेना द्वारा 29 सितंबर को की गई सीमा पार की कार्रवाई का जिक्र किया। लेकिन, उन्होंने पुतिन के साथ अपनी बैठक के बाद एक संयुक्त बयान में कहा कि राष्ट्रपति ने “रूस की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि की है .. और आतंकवाद के खिलाफ युद्ध (जैसे) मुद्दों पर दोनों देशों के रुख में समानता का उल्लेख किया है।” यह पूछे जाने पर कि मोदी की टिप्पणियां क्या भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर हैं, विदेश सचिव एस. जयशंकर ने एक अलग संवाददाता सम्मेलन में कहा, “भारतीय पक्ष ने उड़ी में सैन्य ठिकाने पर हुए आतंकवादी हमले की रूस की स्पष्ट निंदा की सराहना की है।”

संयुक्त बयान के मुताबिक, मोदी और पुतिन ने “सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद की कड़ी निंदा की है और इसे जड़ से उखाड़ने के लिए व्यापक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया है।” स्वाभाविक तौर पर पाकिस्तान के संदर्भ में बयान में कहा गया, “उन्होंने आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह न दिए जाने और आतंकवादी विचारधारा और कट्टरपंथ के प्रसार, आतंकवादियों की भर्ती और उनकी यात्रा पर रोक लगाने की जरूरत पर बल दिया।” मोदी ने कहा, “आतंकवाद का मुकाबला करने की जरूरत के मामले में रूस का हमारे जैसा ही स्पष्ट रुख है।”

भारत ने पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए कूटनीतिक कदम उठाए हैं। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री की टिप्पणियां महत्वपूर्ण हैं। भारत की कूटनीतिक लड़ाई के जवाब में पाकिस्तान ने वैश्विक स्तर पर अलग-थलग कर दिए जाने की बात खारिज करते हुए कहा था कि कश्मीर मुद्दे पर चीन और रूस उसके साथ हैं। मोदी ने रूस को ‘भारत का पुराना मित्र’ करार देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच ‘बेहद खास संबंध हैं। nमोदी ने भारत के साथ संबंध मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति पुतिन के निरंतर व्यक्तिगत प्रयास के लिए उनकी प्रशंसा भी की।

मोदी ने कहा, “(भारत के साथ संबंध मजबूत करने में) आपका व्यक्तिगत ध्यान हमारे संबंध की मजबूती की प्रेरणा है, आपके नेतृत्व ने हमारी सामरिक साझेदारी को स्थिरता और मजबूती प्रदान की है। हमारा रिश्ता बेहद खास है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके और पुतिन के बीच बेहद सफल बातचीत हुई है। भारत और रूस ने ऊर्जा, रक्षा और आर्थिक सहयोग समेत कई क्षेत्रों में 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों नेताओं ने कुडनकुलम संयंत्र की तीसरी और चौथी इकाइयों का उद्घाटन भी किया। इससे पहले दोनों नेताओं के बीच सालाना भारत-रूस शिखर सम्मेलन के तहत द्विपक्षीय वार्ता हुई।