प्रद्युम्न हत्याकांड: टायलेट में पहले से मौजूद था कातिल

नई दिल्ली। गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशन स्कूल के में छात्र प्रद्युम्न ठाकुर (7) की हत्या के मामले में स्कूल के नॉर्दर्न झोन हेड फ्रांसिस थॉमस और एचआर हेड को पुलिस ने रविवार रात गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा स्कूल के सामने रविवार को मीडिया कर्मियों पर लाठीचार्ज करने के आरोप में सोहना सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण को निलंबित किया गया। साथ ही इस मामले में पुलिस की जांच में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए है।

टायलेट में पहले से मौजूद था कातिल 

पुलिस की मुताबिक हत्या आरोपी बस कंडक्टर अशोक कुमार वारदात से पहले ही टॉयलेट में मौजूद था।उस समय तीन बच्चे और एक माली भी थे। उनके जाने के बाद अशोक ने प्रद्युम्न के साथ कुकर्म की कोशिश की और उसकी हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात के दिन ताइक्वांडो प्रैक्टिस के लिए तीन छात्र अपने कपड़े बदलने के लिए टॉयलेट में पहुंचे थे। उनके साथ स्कूल का एक माली भी मौजूद था, अशोक भी उसी समय टॉयलेट में पहुंचा और माली सहित छात्रों के जाने का इंतजार करने लगा।जैसे ही चारों लोग बाहर निकले वह प्रद्युम्न के साथ कुकर्म करने की कोशिश करने लगा।

  • इनसे मिल सकता हैं अहम सुराग
    इन तीनों छात्रों और माली को इस मामले में मुख्य गवाह माना जा रहा है। हालांकि, प्रद्युम्न का परिवार पुलिस थ्योरी को सिरे से नकार रहा है। उनका कहना है कि इस वारदात में सिर्फ अशोक शामिल नहीं है, इसके पीछे गहरी साजिश है। मृतक छात्र के पिता का कहना है कि उन्होने जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। वो सर्वोच्च न्यायालय जाकर स्कूल के मालिकों से पूछताछ की मांग करेंगे।

    शिक्षिकाओं की क्यों है संदिग्ध भूमिका
  • वारदात के बाद साक्ष्य मिटाने का काम किया।
  • बच्चों से ही बरामदे का खून साफ कराया।
  • हेल्पर अशोक द्वारा हत्या का पता होने पर उसे पुलिस को सौंपने में देर की।
  • हत्या में प्रयुक्त चाकू भी धो दिया, ताकि कातिल के प्रिंगर प्रिंट न मिलें।
  • हत्या को पहले ब्लू व्हेल गेम से जोड़ गुमराह करने का प्रयास किया।

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