एस. जयशंकर ने मोदी सरकार की प्रशंसा की कहा, ‘भारत का कद काफी हद तक बढ़ा’

s. Jaishankar
एस. जयशंकर ने मोदी सरकार की प्रशंसा की कहा, 'भारत का कद काफी हद तक बढ़ा'

नई दिल्ली। नौकरशाह से विदेश मंत्री बने सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने मोदी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा है कि बीते 5 वर्षों में दुनिया भर में भारत का कद काफी हद तक बढ़ा है। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि देश की बड़ी आबादी यह मानती है कि भारत का रुतबा दुनिया में बीते 5 वर्षों में बढ़ा है। उन्होंने पीएम मोदी के कामकाज को सराहा और साथ ही ये भी कहा कि सभी मंत्रालय समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।

S Jayashankar Praised The Modi Government :

इतना ही नहीं कार्यक्रम में जयशंकर ने अर्थव्यवस्था और वैश्वीकरण के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ग्लोबालइजेशन फिलहाल मुश्किल दौर में है। ग्लोबल सप्लाई चेन, टेलेंट की मोबिलिटी और मार्केट तक पहुंच जैसे तमाम मसले हैं, जिन पर बीते कुछ दिनों में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि यदि हम आज के दौर में आर्थिक बदलावों को अमल में लाना चाहते हैं तो फिर विदेश नीति की भी इसमें अहम भूमिका है। जयशंकर ने कहा कि अर्थव्यवस्था के बाहरी कारकों को डील करना भी जरूरी है। हमें ऐसी साझेदारी और मेकेनिज्म विकसित करना होगा ताकि विदेश में हमारी कंपनियां पैर जमा सकें।

साथ ही जयशंकर ने ये भी जानकारी दी कि ग्लोबलाइजेशन के कमजोर पड़ने की एक वजह दुनिया के कई देशों में राष्ट्रवाद का उभार भी है। इसके कारण काफी जटिल हैं, लेकिन इसे चुनावी वैधता मिली है। उन्होंने कहा कि दुनिया एक बार फिर से नए संतुलन स्थापित कर रही है। चीन और कुछ हद तक भारत के तेजी से उभार ने नए समीकरण पैदा किए हैं।

बता दें, बीते 20 सालों में दुनिया की अर्थव्यवस्था में बड़ा चेंज आया है। उन्होंने कहा, ‘इस पर काफी जोर है कि अलग-अलग मंत्रालय पूरे समन्वय के साथ काम कर सकें। मैं बीते एक सप्ताह से ही मंत्री हूं और मैंने वित्त और वाणिज्य मंत्रियों के साथ इतना वक्त बिताया है, जितना अपने मंत्रालय को भी समय नहीं दिया।’

नई दिल्ली। नौकरशाह से विदेश मंत्री बने सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने मोदी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा है कि बीते 5 वर्षों में दुनिया भर में भारत का कद काफी हद तक बढ़ा है। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि देश की बड़ी आबादी यह मानती है कि भारत का रुतबा दुनिया में बीते 5 वर्षों में बढ़ा है। उन्होंने पीएम मोदी के कामकाज को सराहा और साथ ही ये भी कहा कि सभी मंत्रालय समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं कार्यक्रम में जयशंकर ने अर्थव्यवस्था और वैश्वीकरण के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ग्लोबालइजेशन फिलहाल मुश्किल दौर में है। ग्लोबल सप्लाई चेन, टेलेंट की मोबिलिटी और मार्केट तक पहुंच जैसे तमाम मसले हैं, जिन पर बीते कुछ दिनों में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि यदि हम आज के दौर में आर्थिक बदलावों को अमल में लाना चाहते हैं तो फिर विदेश नीति की भी इसमें अहम भूमिका है। जयशंकर ने कहा कि अर्थव्यवस्था के बाहरी कारकों को डील करना भी जरूरी है। हमें ऐसी साझेदारी और मेकेनिज्म विकसित करना होगा ताकि विदेश में हमारी कंपनियां पैर जमा सकें। साथ ही जयशंकर ने ये भी जानकारी दी कि ग्लोबलाइजेशन के कमजोर पड़ने की एक वजह दुनिया के कई देशों में राष्ट्रवाद का उभार भी है। इसके कारण काफी जटिल हैं, लेकिन इसे चुनावी वैधता मिली है। उन्होंने कहा कि दुनिया एक बार फिर से नए संतुलन स्थापित कर रही है। चीन और कुछ हद तक भारत के तेजी से उभार ने नए समीकरण पैदा किए हैं। बता दें, बीते 20 सालों में दुनिया की अर्थव्यवस्था में बड़ा चेंज आया है। उन्होंने कहा, 'इस पर काफी जोर है कि अलग-अलग मंत्रालय पूरे समन्वय के साथ काम कर सकें। मैं बीते एक सप्ताह से ही मंत्री हूं और मैंने वित्त और वाणिज्य मंत्रियों के साथ इतना वक्त बिताया है, जितना अपने मंत्रालय को भी समय नहीं दिया।'