तीर्थयात्रियों के लिए आज शाम से खुलेगा सबरीमाला मंदिर, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Sabarimala mandir
तीर्थयात्रियों के लिए आज शाम से खुलेगा सबरीमाला मंदिर, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सबरीमाला मंदिर मामले की सुनवाई सात जजों की पीठ के पास भेज दिया था। हालांकि न्यायालय ने सरकार को अपना पूर्व में दिया गया फैसला लागू रखने का निर्णय दिया है। वहीं शनिवार की शाम से कड़ी सुरक्षा के बीच भगवान अयप्पा मंदिर दो महीने तक चलने वाले तीर्थयात्रा के लिए खुलेगा।

Sabarimala Temple Will Open For Pilgrims From This Evening Strict Security Arrangements :

तीर्थयात्रा को यात्रियों के लिए सुगम और परेशानी मुक्त बनाने के लिए सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार सुरक्षा के पुख्ता इंताजाम कर रही है। वहीं दूसरी ओर कंदरारू महेश मोहनारू ने मंदिर के गर्भगृह को खोला और पूजा की।एके सुधीर नंबूदिरी सबरीमाला मेल्संथी और एम एस परमेस्वरन नंबुदिरी मलिकापुरम मेल्संथी के रूप में कार्यभार संभालेंगे। तीर्थयात्रियों को पूजा के बाद 18 पवित्र चरणों में चढ़ने और दर्शन करने की अनुमति होगी।

राज्य के पठानमथिट्टा जिले के पश्चिमी घाट में आरक्षित वन में स्थित मंदिर के कपाट आज शाम पांच बजे के आसपास दो महीने के मंडलम मकारविलाक्कू के मौसम के लिए खोले जाएंगे। केरल और पड़ोसी राज्यों के विभिन्न हिस्सों से भक्तों ने नीलकाल और पंबा में पहुंचना शुरू कर दिया है। हालांकि उन्हें दोपहर दो बजे के बाद ही मंदिर के लिए रवाना होने दिया जाएगा।

गौरतलब है कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर 2018 को फैसला दिया था जिसमें केरल के सुप्रसिद्ध अयप्पा मंदिर में 10 वर्ष से 50 की आयुवर्ग की लड़कियों एवं महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक को हटा दिया गया था। फैसले में शीर्ष अदालत ने सदियों से चली आ रही इस धार्मिक प्रथा को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताया था।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सबरीमाला मंदिर मामले की सुनवाई सात जजों की पीठ के पास भेज दिया था। हालांकि न्यायालय ने सरकार को अपना पूर्व में दिया गया फैसला लागू रखने का निर्णय दिया है। वहीं शनिवार की शाम से कड़ी सुरक्षा के बीच भगवान अयप्पा मंदिर दो महीने तक चलने वाले तीर्थयात्रा के लिए खुलेगा। तीर्थयात्रा को यात्रियों के लिए सुगम और परेशानी मुक्त बनाने के लिए सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार सुरक्षा के पुख्ता इंताजाम कर रही है। वहीं दूसरी ओर कंदरारू महेश मोहनारू ने मंदिर के गर्भगृह को खोला और पूजा की।एके सुधीर नंबूदिरी सबरीमाला मेल्संथी और एम एस परमेस्वरन नंबुदिरी मलिकापुरम मेल्संथी के रूप में कार्यभार संभालेंगे। तीर्थयात्रियों को पूजा के बाद 18 पवित्र चरणों में चढ़ने और दर्शन करने की अनुमति होगी। राज्य के पठानमथिट्टा जिले के पश्चिमी घाट में आरक्षित वन में स्थित मंदिर के कपाट आज शाम पांच बजे के आसपास दो महीने के मंडलम मकारविलाक्कू के मौसम के लिए खोले जाएंगे। केरल और पड़ोसी राज्यों के विभिन्न हिस्सों से भक्तों ने नीलकाल और पंबा में पहुंचना शुरू कर दिया है। हालांकि उन्हें दोपहर दो बजे के बाद ही मंदिर के लिए रवाना होने दिया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर 2018 को फैसला दिया था जिसमें केरल के सुप्रसिद्ध अयप्पा मंदिर में 10 वर्ष से 50 की आयुवर्ग की लड़कियों एवं महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक को हटा दिया गया था। फैसले में शीर्ष अदालत ने सदियों से चली आ रही इस धार्मिक प्रथा को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताया था।