आज फिर खुलेगा सबरीमाला मंदिर, हिंदू संगठनों ने कहा- महिला पत्रकार न आएं

आज फिर खुलेगा सबरीमाला मंदिर, हिंदू संगठनों ने कहा- महिला पत्रकार न आएं
आज फिर खुलेगा सबरीमाला मंदिर, हिंदू संगठनों ने कहा- महिला पत्रकार न आएं

सबरीमाला। भगवान अयप्पा का मंदिर विशेष पूजा के लिए सोमवार को कुछ घंटों के लिए खुलने जा रहा है। संवेदनशीलता को देखते हुए वहां पहले से ही पुलिस के कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ विरोध को देखते हुए इलाके में तीन दिन के लिए धारा 144 लागू की गई है।

Sabarimalatemple Will Open For A Today :

सुरक्षा के मद्देनजर 2000 जवान भी तैनात किए गए। उधर, हिंदू संगठनों ने मीडिया संस्थानों से न्यूज कबर करने के लिए महिला पत्रकार न भेजने की अपील की। सबरीमाला कर्म समिति ने यह अपील जारी की है। यह समिति विश्व हिंदू परिषद और हिंदू एक्यावेदी समेत कई दक्षिणपंथी संगठनों का सयुक्त मंच है। सबरीमाला कर्म समिति लगातार मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के फैसले का विरोध कर रही है।

सबरीमाला कर्म समिति ने रविवार को संपादकों को पत्र लिखकर कहा कि महिला पत्रकारों के अपने काम के सिलसिले में मंदिर में प्रवेश करने से स्थिति बिगड़ सकती है। हम उम्मीद करते हैं कि इस मुद्दे पर आप ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे, जिससे हालात बिगड़ें। सबरीमाला कर्म समिति दक्षिणपंथी संगठनों का संयुक्त मंच है, जिसमें विश्व हिंदू परिषद और हिंदू एक्यावेदी भी शामिल हैं।

समिति मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रही है। भगवान अय्यपा के मंदिर में 10 से 50 साल की बच्चियों और महिलाओं के प्रवेश पर रोक खत्म करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पिछले महीने 17 से 22 अक्तूबर तक मंदिर खुलने पर प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने एक भी महिला को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया था। इस दौरान रिपोर्टिंग पर आईं महिला पत्रकारों को भी वापस लौटने पर मजबूर किया गया था। विरोध प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल थीं।

सबरीमाला। भगवान अयप्पा का मंदिर विशेष पूजा के लिए सोमवार को कुछ घंटों के लिए खुलने जा रहा है। संवेदनशीलता को देखते हुए वहां पहले से ही पुलिस के कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ विरोध को देखते हुए इलाके में तीन दिन के लिए धारा 144 लागू की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर 2000 जवान भी तैनात किए गए। उधर, हिंदू संगठनों ने मीडिया संस्थानों से न्यूज कबर करने के लिए महिला पत्रकार न भेजने की अपील की। सबरीमाला कर्म समिति ने यह अपील जारी की है। यह समिति विश्व हिंदू परिषद और हिंदू एक्यावेदी समेत कई दक्षिणपंथी संगठनों का सयुक्त मंच है। सबरीमाला कर्म समिति लगातार मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के फैसले का विरोध कर रही है। सबरीमाला कर्म समिति ने रविवार को संपादकों को पत्र लिखकर कहा कि महिला पत्रकारों के अपने काम के सिलसिले में मंदिर में प्रवेश करने से स्थिति बिगड़ सकती है। हम उम्मीद करते हैं कि इस मुद्दे पर आप ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे, जिससे हालात बिगड़ें। सबरीमाला कर्म समिति दक्षिणपंथी संगठनों का संयुक्त मंच है, जिसमें विश्व हिंदू परिषद और हिंदू एक्यावेदी भी शामिल हैं। समिति मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रही है। भगवान अय्यपा के मंदिर में 10 से 50 साल की बच्चियों और महिलाओं के प्रवेश पर रोक खत्म करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पिछले महीने 17 से 22 अक्तूबर तक मंदिर खुलने पर प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने एक भी महिला को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया था। इस दौरान रिपोर्टिंग पर आईं महिला पत्रकारों को भी वापस लौटने पर मजबूर किया गया था। विरोध प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल थीं।