सबजार एनकाउंटर के बाद सेना पर पथराव, स्कूल कालेज बंद करवाए गए

जम्मू कश्मीर। कश्मीर के त्राल में सैन्य बलों से मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिद्दीन के सरगना सबजार अहमद भट्ट के मारे जाने की खबर के फैलने के साथ कश्मीर का माहौल एक बार फिर गरम हो गया है। कई जगह सैन्य बलों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आ चुकीं हैं। कश्मीर में सबजार की पैठ को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों और ​कालेजों की छुट्टी पहले ही करवा दी थी। प्रशासन को पहले से ही इस बात का अंदेशा था कि सबजार की मौत की खबर आने के साथ कई इलाकों में हिंसक घटनाएं हो सकतीं हैं।




मिली जानकारी के मुताबिक 8 जुलाई 2016 को बुरहान बानी के मारे जाने के बाद जिस तरह के हालात कश्मीर में पैदा हुए उसके मदृदेनजर ही पुलिस ने सबजार एनकाउंटर के बाद ही बंदोबस्त करना शुरू कर दिया था। शुक्रवार को कश्मीर पुलिस को इनपुट मिला था कि सबजार आपने दो अन्य आतंकी साथियों के साथ मिलकर सेना के गश्तीदल पर हमला करने की तैयारी कर रहा है। सबजार की लोकेशन की पुष्टि होने के साथ ही सैन्य बलों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्चआॅपरेशन शुरू किया जिसमें दूसरी तरफ से सबजार और और उसके साथियों ने सैन्य बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जिसके बाद शनिवार दोपहर तक चले एनकाउंटर में सबजार और उसके दोनों साथी मारे गए।

Sabzar Encounter Ke Baad Kashmir Me Sena Par Pathrav :

सबजार एनकांटर की प्रतिक्रिया के रूप में अनंतनाग और पुलवामा में सेना के जवानों पर पथराव की जानकारी मिली है। शनिवार को खत्म हुए दो अलग अलग सैन्य आपरेशनों में 10 आतंकियों के मारे गए हैं।




बुरहान बानी का उत्तराधिकारी था सबजार—

सबजार अहमद भट्ट और बुरहान बानी दोनों ही मूल रूप से त्राल के ही रहने वाले थे। दोनों एक ही स्कूल से पढ़ाई की, इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई। बुरहान बानी गुमराह होकर हिजबुल मुजाहिद्दीन का सरगना बन गया तो सबजार ने एक लड़की के प्रेम में असफल होकर आतंक की राह पर निकल गया। जहां उसे बुरहान बानी का साथ मिलने के साथ विश्वास भी मिल गया। सबजार सोशल मीडिया पर अच्छी पकड़ रखता था। यही वजह रही कि बुरहान की मौत के बाद सबजार को हिजबुल ने कश्मीर अपना सबसे बड़ा कमांडर बना दिया।

जम्मू कश्मीर। कश्मीर के त्राल में सैन्य बलों से मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिद्दीन के सरगना सबजार अहमद भट्ट के मारे जाने की खबर के फैलने के साथ कश्मीर का माहौल एक बार फिर गरम हो गया है। कई जगह सैन्य बलों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आ चुकीं हैं। कश्मीर में सबजार की पैठ को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों और ​कालेजों की छुट्टी पहले ही करवा दी थी। प्रशासन को पहले से ही इस बात का अंदेशा था कि सबजार की मौत की खबर आने के साथ कई इलाकों में हिंसक घटनाएं हो सकतीं हैं। मिली जानकारी के मुताबिक 8 जुलाई 2016 को बुरहान बानी के मारे जाने के बाद जिस तरह के हालात कश्मीर में पैदा हुए उसके मदृदेनजर ही पुलिस ने सबजार एनकाउंटर के बाद ही बंदोबस्त करना शुरू कर दिया था। शुक्रवार को कश्मीर पुलिस को इनपुट मिला था कि सबजार आपने दो अन्य आतंकी साथियों के साथ मिलकर सेना के गश्तीदल पर हमला करने की तैयारी कर रहा है। सबजार की लोकेशन की पुष्टि होने के साथ ही सैन्य बलों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्चआॅपरेशन शुरू किया जिसमें दूसरी तरफ से सबजार और और उसके साथियों ने सैन्य बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जिसके बाद शनिवार दोपहर तक चले एनकाउंटर में सबजार और उसके दोनों साथी मारे गए। सबजार एनकांटर की प्रतिक्रिया के रूप में अनंतनाग और पुलवामा में सेना के जवानों पर पथराव की जानकारी मिली है। शनिवार को खत्म हुए दो अलग अलग सैन्य आपरेशनों में 10 आतंकियों के मारे गए हैं। बुरहान बानी का उत्तराधिकारी था सबजार— सबजार अहमद भट्ट और बुरहान बानी दोनों ही मूल रूप से त्राल के ही रहने वाले थे। दोनों एक ही स्कूल से पढ़ाई की, इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई। बुरहान बानी गुमराह होकर हिजबुल मुजाहिद्दीन का सरगना बन गया तो सबजार ने एक लड़की के प्रेम में असफल होकर आतंक की राह पर निकल गया। जहां उसे बुरहान बानी का साथ मिलने के साथ विश्वास भी मिल गया। सबजार सोशल मीडिया पर अच्छी पकड़ रखता था। यही वजह रही कि बुरहान की मौत के बाद सबजार को हिजबुल ने कश्मीर अपना सबसे बड़ा कमांडर बना दिया।