क्रिकेट के भगवान की ‘सदन’ में पहली पारी, विपक्ष के हंगामे ने किया निराश

नई दिल्ली। क्रिकेट के भगवान और भारतरत्न से सम्मानित राज्य सभा सांसद सचिन तेंदुलकर ने आज संसद की बहस में पहली बार हिस्सा लिया। सचिन मेडेन स्पीच के लिए जैसे ही खड़े हुए विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया जिस वजह से सचिन संसद में निराश खड़े रहे। क्रिकेट में शानदार खेल से सुर्खियां बटोरने वाले तेंदुलकर का बतौर सांसद डेब्यू अच्छा नहीं रहा। हालांकि तेंदुलकर ने इस दौरान अपनी बात रखने की लगातार कोशिश की लेकिन उन्हें सफलता हाथ नहीं लगी। विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

विपक्ष इस मांग पर अड़ा था कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर लगाए गए आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में माफी मांगें। सभापित ने कहा कि इस बारे में विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के नेता आपस में बैठकर मुद्दे पर बातचीत कर चुके हैं। यह ठीक है कि इसका कोई नतीजा नहीं निकला था लेकिन अब सदन में खिलाड़ी को तो बोलने दीजिए, वह खेल पर बात करेंगे। लेकिन विपक्ष अपनी सीटों पर खेड़ होकर हंगामा और नारेबाजी करते रहे।

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नायडू ने कहा कि आप लोगों में खेल की भावना ही नहीं है। मैं इस हंगामे को रिकार्ड में नहीं जाने दूंगा। उन्होंने कहा कुछ तो शर्म कीजिए। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा टीवी से कहा कि इस हंगामे की लाइव कवरेज बंद कर दें। क्योंकि जनता में यह हंगामा दिखाना उचित नहीं होगा। मगर इसके बाद भी हंगामा चलता रहा, सचिन अपनी जगह पर चुपचाप 10 मिनट तक खड़े रहे। सभापति ने सचिन से कहा, आप बोलिए, उन्होंने होंठ खोलने ही चाहे थे कि हंगामा और बढ़ गया। इस पर सभापति ने कार्यवाही अगले दिन 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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