सदन में कोमे को गवाही देने से नहीं रोकेंगे ट्रंप

नई दिल्ली| अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के पूर्व निदेशक जेम्स कोमे को रूस व ट्रंप के प्रचार अभियान से जुड़ी जांच के संबंध में सदन के समक्ष गवाही देने से नहीं रोकेंगे। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने मीडिया को बताया कि, “सीनेट इंटेलीजेंस कमेटी द्वारा मांगे गए तथ्य की त्वरित और गहन जांच की सुविधा के लिए राष्ट्रपति, जेम्स कोमे की निर्धारित गवाही के बारे में कार्यकारी विशेषाधिकार का दावा नहीं करेंगे।”



बताते चले कि कोमे को ट्रंप ने मई में पद से हटा दिया था। उन्हें सीनेट के समक्ष गुरुवार की सुनवाई के दौरान गवाही देनी है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, कोमे से उनकी बर्खास्तगी से जुड़े विवरण और रूसी सरकार और ट्रंप के चुनाव प्रचार अभियान से जुड़े सदस्यों के बीच कथित तौर पर मिलीभगत की एफबीआई द्वारा की जा रही जांच के बारे में पूछताछ होने की उम्मीद है।



सैंडर्स ने कहा, “कार्यकारी अधिकार का दावा करने के लिए राष्ट्रपति की शक्ति पूरी तरह बरकरार है।” पिछले साल हुए राष्ट्रपति चुनाव से पहले कोमे ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के ईमेल विवाद को लेकर दो बार जांच शुरू की थी, जिसके चलते वह राष्ट्रपति चुनाव के बाद उपजे राजनीतिक विवाद के केंद्र में बने हुए हैं। हिलेरी का आरोप है कि कोमे द्वारा उनके ईमेल विवाद की बार-बार जांच शुरू किए जाने के कारण ही वह राष्ट्रपति चुनाव हारीं।




राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने कोमे से अपने चुनाव प्रचार और रूस सरकार के बीच संबंध होने से जुड़े मामले की कथित तौर पर जांच बंद करने के लिए कहा था।