अखिलेश केवल प्रचार माध्यमों में लोकप्रिय, अपने परिवार में ही विघटन करा दिया: साध्वी

बलिया। अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्ख़ियों में बनी रहने वाली भाजपा की फायरब्रांड नेता व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति एक बार फिर अपने एक बयान को लेकर सुर्ख़ियों में आ गई हैं। समाजवादी पारिवारिक दंगल पर प्रतिक्रया देते हुए साध्वी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता को हटाकर और खुद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष बनकर औरंगजेब को भी पीछे छोड़ दिया है।




बलिया में पत्रकारों से बातचीत करते हुए साध्वी ने कहा कि अखिलेश यादव केवल प्रचार माध्यमों में लोकप्रिय हैं। वह अपने परिवार में ही लोकप्रिय नहीं हैं। उन्होंने अपने परिवार में विघटन करा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सपा परिवार का झगड़ा मुलायम की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। उन्होंने संभावना जताई कि अगले एक दो-दिन में मुलायम और अखिलेश फिर एक हो सकते हैं।

मुलायम-अखिलेश के साथ-साथ भाजपा नेता ने बसपा सुप्रीमों मायावती को भी निशाने पर लिया। साधी ने कहा कि मायावती ने धर्म के नाम पर वोट मांगने को गलत ठहराने के उच्चतम न्यायालय के हाल के फैसले के बावजूद मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में जिस तरह मुस्लिमों के साथ ही जातीय स्तर पर वोट देने का अनुरोध किया, उससे उनकी बौखलाहट उजागर होती है। साध्वी ने विास जताया कि उच्चतम न्यायालय मायावती के इस बयान का स्वत: संज्ञान लेकर उन पर कार्रवाई करेगा।




एक सर्वेक्षण में सपा के सबसे अधिक सीट जीतने के आकलन को गलत बताते हुए कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में भी मीडिया भाजपा को कम सीट पर विजयी दिखाता था, लेकिन उसे पूर्ण बहुमत मिला। विधानसभा चुनाव में भी भाजपा तमाम आकलनों को झुठलाते हुए पूर्ण बहुमत हासिल करेगी। केन्द्रीय राज्यमंत्री ने एक सवाल के जबाब में कहा कि भाजपा उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में विकास तथा ध्वस्त कानून-व्यवस्था को मुद्दा बनाएगी। क्या भाजपा राम मन्दिर को भी मुद्दा बनाएगी, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राम मन्दिर आस्था का मामला है। यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है।

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