सफेद हाथी साबित हो रहा सुलभ शौचालय

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सफेद हाथी साबित हो रहा सुलभ शौचालय

लखीमपुर-खीरी। जनपद खीरी की निघासन तहसील क्षेत्र में बना सुलभ शौचालय सफेद हाथी साबित हो रहा है। पूर्व में सपा सरकार की उपलब्धियों में शामिल निघासन तहसील क्षेत्र के लुधौरी गांव में रानीगंज लुधौरी मार्ग के किनारे बना यह सुलभ शौचालय अव्यवस्थाओ के दौर से जूझ रहा है ।सपा सरकार और पूर्व प्रधान लेखराम भास्कर के कार्यकाल में निर्मित सुलभ शौचालय को सपा सरकार के पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री हाजी आर ए उस्मानी के कर कमलों द्वारा 07 दिसम्बर 2012 में शुभारम्भ किया गया था। उसके बाद से आज तलक यह सुलभ शौचालय शुरू न हो सका।ग्रामवासियों के लिए यह एक बड़ी विडंम्बना है कि सरकार आम जनमानस के लिए हर सुचारू व्यवस्था को ग्रामीण क्षेत्रों में धरातल पर उतारने के लिए प्रयासरत दिखाई देती है। परंतु सरकार की मंशा के अनुरूप अधिकारी व जिम्मेदार सरकार द्वारा निर्माण कराए गए कार्यों से अपनी जेब मजबूत करके पल्ला झाड़ लेते है और फिर उस ओर जरा सा भी मुड़कर नहीं देखते।

Safed Hathi Sabit Ho Raha Sulabh Shauchalaya :

जिस वजह से आम जनता को उनका हक नही मिल पाता और लाभ उठाने से सैकड़ो लोग वंचित रह जाते है ।सरकारी योजना का लाभ जनपद की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत के लोगों को सही ढंग से लगभग किसी को भी नही मिल पा रहा और हमेशा से ही लुधौरी पंचायत व गांव लुधौरी हर सीरत से बदहाली का दंश झेलते हुए समय परिवर्तन का इंतजार कर रहा है ।वर्षो से जिम्मेदार प्रधानों द्वारा लुधौरी पंचायत वासियो को सिर्फ लॉलीपॉप दिखाकर अबतक छला गया है।

इन योजनाओं में चाहे शौचालय,आवास,खड़ंजा,इंटरलॉकिंग,या हाट बाट के तहत सौंदर्यीकरण हो सबमे खामियां ही नजर आई है ।कोई भी योजना सही ढंग से उपयोगी नही साबित हुई ।इसी तरह से लुधौरी गांव में लाखों की लागत से सफेद हांथी की भांति बने सुलभ शौचालय की दीन दशा देखकर जिम्मेदारों पर लोगों को रोना आता है।

बदली सरकार, बदली प्रधानी, पर…….नहीं बदली लुधौरी की सूरत

भाजपा सरकार के सत्ता में आ जाने के बाद देश से लेकर गांवो तक अत्यधिक बदलाव देखने को मिले उन बदलावों में कुछ प्रदेश,कुछ जिला, कुछ गांव तो डिजिटल इंडिया बनाने के लिए आगे आकर सहयोग किया और निखर गए ।पर जिला खीरी की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत लुधौरी में आज भी पंचायतवासी बदहाली भरी जिंदगी गुजार रहे है ।इस पंचायत में बदलाव तो देखने को मिला पर धरातल पर कोई भी बदलाव नही हुआ ।

एक ने की पुरजोर मेहनत दूजे ने डेंटिंग पेन्टिग कराकर ,जड़ाए ताले

लुधौरी पंचायत में प्रधानों में भी एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा बरकरार है। सब ने राजनीति का कम्बल ओढ़कर विकासकार्यो का लॉलीपॉप दिखाकर जनता के सामने आए और जनता को ठेंगा दिखाकर कार्यकाल को गुजार दिया। लुधौरी की राजनीति में प्रतिस्पर्धा नही बल्कि द्वेष साफ नजर आता है ।जिसका भुक्तभोगी सुलभ शौचालय बना है । इस सुलभ शौचालय को निर्माण कार्य मे पूर्व प्रधान लेखराम भास्कर ने भागीदारी निभाई तो मौजूदा प्रधान ने आला अधिकारियों के दबाव में शौचालय को डेंटिग पेन्टिग कराके भीतर ताले जड़वा दिए और बाहर के गेट को लावारिसन हालात में छोड़ दिया ।

क्या बोले जिम्मेदार

सात वर्ष पूर्व बने मॉडल शौचालय के अंदर कुछ गड्ढे है जिसकी वजह से अभीतक शौचालय चालू नही हो सका। शीघ्र ही छोटी छोटी दिक्कतों को मरम्मत कराकर मॉडल शौचालय चालू कराया जाएगा- स्वाती लोधी, ग्राम्य विकास अधिकारी, निघासन (खीरी)

एस0डी0 त्रिपाठी
लखीमपुर-खीरी

लखीमपुर-खीरी। जनपद खीरी की निघासन तहसील क्षेत्र में बना सुलभ शौचालय सफेद हाथी साबित हो रहा है। पूर्व में सपा सरकार की उपलब्धियों में शामिल निघासन तहसील क्षेत्र के लुधौरी गांव में रानीगंज लुधौरी मार्ग के किनारे बना यह सुलभ शौचालय अव्यवस्थाओ के दौर से जूझ रहा है ।सपा सरकार और पूर्व प्रधान लेखराम भास्कर के कार्यकाल में निर्मित सुलभ शौचालय को सपा सरकार के पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री हाजी आर ए उस्मानी के कर कमलों द्वारा 07 दिसम्बर 2012 में शुभारम्भ किया गया था। उसके बाद से आज तलक यह सुलभ शौचालय शुरू न हो सका।ग्रामवासियों के लिए यह एक बड़ी विडंम्बना है कि सरकार आम जनमानस के लिए हर सुचारू व्यवस्था को ग्रामीण क्षेत्रों में धरातल पर उतारने के लिए प्रयासरत दिखाई देती है। परंतु सरकार की मंशा के अनुरूप अधिकारी व जिम्मेदार सरकार द्वारा निर्माण कराए गए कार्यों से अपनी जेब मजबूत करके पल्ला झाड़ लेते है और फिर उस ओर जरा सा भी मुड़कर नहीं देखते। जिस वजह से आम जनता को उनका हक नही मिल पाता और लाभ उठाने से सैकड़ो लोग वंचित रह जाते है ।सरकारी योजना का लाभ जनपद की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत के लोगों को सही ढंग से लगभग किसी को भी नही मिल पा रहा और हमेशा से ही लुधौरी पंचायत व गांव लुधौरी हर सीरत से बदहाली का दंश झेलते हुए समय परिवर्तन का इंतजार कर रहा है ।वर्षो से जिम्मेदार प्रधानों द्वारा लुधौरी पंचायत वासियो को सिर्फ लॉलीपॉप दिखाकर अबतक छला गया है। इन योजनाओं में चाहे शौचालय,आवास,खड़ंजा,इंटरलॉकिंग,या हाट बाट के तहत सौंदर्यीकरण हो सबमे खामियां ही नजर आई है ।कोई भी योजना सही ढंग से उपयोगी नही साबित हुई ।इसी तरह से लुधौरी गांव में लाखों की लागत से सफेद हांथी की भांति बने सुलभ शौचालय की दीन दशा देखकर जिम्मेदारों पर लोगों को रोना आता है।

बदली सरकार, बदली प्रधानी, पर.......नहीं बदली लुधौरी की सूरत

भाजपा सरकार के सत्ता में आ जाने के बाद देश से लेकर गांवो तक अत्यधिक बदलाव देखने को मिले उन बदलावों में कुछ प्रदेश,कुछ जिला, कुछ गांव तो डिजिटल इंडिया बनाने के लिए आगे आकर सहयोग किया और निखर गए ।पर जिला खीरी की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत लुधौरी में आज भी पंचायतवासी बदहाली भरी जिंदगी गुजार रहे है ।इस पंचायत में बदलाव तो देखने को मिला पर धरातल पर कोई भी बदलाव नही हुआ ।

एक ने की पुरजोर मेहनत दूजे ने डेंटिंग पेन्टिग कराकर ,जड़ाए ताले

लुधौरी पंचायत में प्रधानों में भी एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा बरकरार है। सब ने राजनीति का कम्बल ओढ़कर विकासकार्यो का लॉलीपॉप दिखाकर जनता के सामने आए और जनता को ठेंगा दिखाकर कार्यकाल को गुजार दिया। लुधौरी की राजनीति में प्रतिस्पर्धा नही बल्कि द्वेष साफ नजर आता है ।जिसका भुक्तभोगी सुलभ शौचालय बना है । इस सुलभ शौचालय को निर्माण कार्य मे पूर्व प्रधान लेखराम भास्कर ने भागीदारी निभाई तो मौजूदा प्रधान ने आला अधिकारियों के दबाव में शौचालय को डेंटिग पेन्टिग कराके भीतर ताले जड़वा दिए और बाहर के गेट को लावारिसन हालात में छोड़ दिया ।

क्या बोले जिम्मेदार

सात वर्ष पूर्व बने मॉडल शौचालय के अंदर कुछ गड्ढे है जिसकी वजह से अभीतक शौचालय चालू नही हो सका। शीघ्र ही छोटी छोटी दिक्कतों को मरम्मत कराकर मॉडल शौचालय चालू कराया जाएगा- स्वाती लोधी, ग्राम्य विकास अधिकारी, निघासन (खीरी) एस0डी0 त्रिपाठी लखीमपुर-खीरी