सचिवालय से शौचालय तक सब भगवा, अखिलेश बोले- ‘यह धर्म का अपमान’

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सचिवालय से शौचालय तक सब भगवा, अखिलेश बोले- 'यह धर्म का अपमान'

लखनऊ। यूपी में योगी सरकार आने के बाद सूबे में ‘भगवा रंग’ की लहर दौड़ पड़ी। सबसे पहले परिवहन विभाग की बसों को भगवा किया गया, फिर मुख्यमंत्री कार्यालय को। यहां तक अधिकारियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ को खुश करने के लिए स्कूलों को भी केसरिया रंग दिया। अब इटावा में ग्राम प्रधान ने 300 में से 100 शौचालयों को भगवा करवा दिया। इटावा शहर से सटे गांव अमृतपुर के प्रधान वेदपाल सिंह का कहना है,”भगवा कलर इसलिए चूज़ किया कि जब सरकार केन्द्र में उनकी है, राज्य में उनकी है तो गांव पंचायत में भी यह कलर आ जाए तो यह अच्छी बात है।”

Saffron Toilet Presented In Up Etawah District :

इटावा के जिला पंचायत विभाग के अफसर भी भगवा टॉयलेट देखकर काफी खुश हैं। उनका कहना है कि इस रंग में लोगों की रुचि बढ़ रही है, यह बहुत अच्छी बात है। इससे स्वच्छता की प्रेरणा मिलेगी.और यह शौचालय औरों से अलग भी दिखेंगे। वहीं ग्राम प्रधान वेदपाल सिंह का कहना है कि बाकी बचे हुए शौचालयों को भी बहुत जल्द दूसरों की तरह भगवा रंग में पेंट कर दिया जाएगा।

पिछले दिनों राजधानी लखनऊ में हज समिति के कार्यालय पर भी भगवा रंग चढ़ा दिया गया था। विवाद बढ़ने पर हज राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने कहा था कि ऐसे मामलों को तूल देने की कोई जरूरत नहीं है। केसरिया रंग ऊर्जा का प्रतीक है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा ,”भगवा वाले बाथरूम में कोई जाएगा तो सोचो किसका अपमान होगा? यह अपमान करने वाली सरकार है। यह धर्म का अपमान करने का काम कर रहे हैं।”

लखनऊ। यूपी में योगी सरकार आने के बाद सूबे में 'भगवा रंग' की लहर दौड़ पड़ी। सबसे पहले परिवहन विभाग की बसों को भगवा किया गया, फिर मुख्यमंत्री कार्यालय को। यहां तक अधिकारियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ को खुश करने के लिए स्कूलों को भी केसरिया रंग दिया। अब इटावा में ग्राम प्रधान ने 300 में से 100 शौचालयों को भगवा करवा दिया। इटावा शहर से सटे गांव अमृतपुर के प्रधान वेदपाल सिंह का कहना है,"भगवा कलर इसलिए चूज़ किया कि जब सरकार केन्द्र में उनकी है, राज्य में उनकी है तो गांव पंचायत में भी यह कलर आ जाए तो यह अच्छी बात है।"इटावा के जिला पंचायत विभाग के अफसर भी भगवा टॉयलेट देखकर काफी खुश हैं। उनका कहना है कि इस रंग में लोगों की रुचि बढ़ रही है, यह बहुत अच्छी बात है। इससे स्वच्छता की प्रेरणा मिलेगी.और यह शौचालय औरों से अलग भी दिखेंगे। वहीं ग्राम प्रधान वेदपाल सिंह का कहना है कि बाकी बचे हुए शौचालयों को भी बहुत जल्द दूसरों की तरह भगवा रंग में पेंट कर दिया जाएगा।पिछले दिनों राजधानी लखनऊ में हज समिति के कार्यालय पर भी भगवा रंग चढ़ा दिया गया था। विवाद बढ़ने पर हज राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने कहा था कि ऐसे मामलों को तूल देने की कोई जरूरत नहीं है। केसरिया रंग ऊर्जा का प्रतीक है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा ,"भगवा वाले बाथरूम में कोई जाएगा तो सोचो किसका अपमान होगा? यह अपमान करने वाली सरकार है। यह धर्म का अपमान करने का काम कर रहे हैं।"