सहारनपुर के 180 दलित परिवार ने हिन्दू धर्म छोड़ अपनाया बौद्ध

Saharanpur Ke 180 Dalit Pariwaar Ne Hindu Dharm Chhod Apnaya Baudh Dharm

सहारनपुर। पिछले दिनों सहारनपुर में भड़की जातीय हिंसा ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। करीब एक पखवारे तक चले इस बवाल में न जाने कितने लोग बेघर हो गए। मामूली बात से शुरू हुई बात अचानक सुनामी की तरह फैल जाने से इलाके में हड़कंप मच गया था। लेकिन अब जो खबर आ रही है उससे देश भर में हड़कंप मच जाएगा। दरअसल हिंसा की आग में झुलसने के बाद यहां के तीन गांवों के 180 दलित परिवारों ने बौद्ध धर्म अपना लिया है। बताया जा रहा है जिन दलितों ने बौद्ध धर्म अपनाया है वे शासन और प्रशासन की कार्यवाई से संतुष्ट नहीं थे जिसके बाद इन्होने योगी सरकार का विरोध करते हुए यह फैसला लिया है।



हिंसा के दौरान सामने आई भीम आर्मी पर दंगे फैलाने के आरोप लगने के बाद इन तीनों गांवों के 180 परिवारों ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया है। दलित परिवारों ने अपने घरों में रखी भगवानों की मुर्तियां और तस्वीरें नदी में प्रवाहित कर दी। गांव वालों का आरोप है कि पुलिस साजिश के तहत भीम आर्मी को बदनाम करने के लिए दंगा फैलाने का आरोप लगा रही है। जब गांव वाले पानी में मूर्तियां प्रवाहित कर रहे थे तब पुलिस अधिकारियों ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन वो लोग नहीं माने।



जानकारी के अनुसार लोगों ने बौद्ध धर्म अपनाते हुए लिखित रूप में पुलिस अधिकारियों से कहा है कि वो हिंदू धर्म में सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने यह भी धमकी दी है कि भीम सेना के लोगों को अगर जल्द आजाद नहीं किया गया तो पूरे जिले के लोग बौद्ध धर्म अपना लेंगे। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। भीम आर्मी के संस्थापक को पुलिस तलाश रही है। इसके बावजूद संगठन ने सोशल मीडिया पर ऑडियो संदेश जारी किया है जिसमें समर्थकों से 21 मई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटने की अपील की गई है।



मामले की संजीदगी को भांपते हुए सहारनपुर के डीआईजी जेके शाही ने धर्म परिवर्तन पर लोकल इंटेलिजेंस यूनिट से रिपोर्ट तलब की है हालांकि वो कैमरे पर कुछ भी कहने के लिए तैयार नहीं हुए। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने जरूरत से ज्यादा संयम दिखाया है। किसी निर्दोष शख्स को डरने की जरूरत नहीं है लेकिन हिंसा के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इलाके के एएसएसपी से जब भीम आर्मी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘इस संगठन का अब तक कोई रिकॉर्ड नहीं है. इसलिए इसके बारे में औपचारिक तौर पर कुछ कहना सही नहीं होगा। सारी हिंसा को एक अराजक शख्स ने लीड किया। इस आरोपी ने ना सिर्फ भीड़ को तोड़फोड़ के लिए उकसाया बल्कि माहौल बिगाड़ने की भी कोशिश की।

सहारनपुर। पिछले दिनों सहारनपुर में भड़की जातीय हिंसा ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। करीब एक पखवारे तक चले इस बवाल में न जाने कितने लोग बेघर हो गए। मामूली बात से शुरू हुई बात अचानक सुनामी की तरह फैल जाने से इलाके में हड़कंप मच गया था। लेकिन अब जो खबर आ रही है उससे देश भर में हड़कंप मच जाएगा। दरअसल हिंसा की आग में झुलसने के बाद यहां के तीन गांवों के 180 दलित परिवारों…