दलितों के साथ सहभोज भाजपा की राजनीतिक नाटकबाजी: मायावती

Mayawati

Sahboj Was An Politak Drama Of Bjp Says Mayawati

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बुधवार को दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्ग के लोगों के साथ किया गया सहभोज उनके विरोधियों को खटक गया है। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस सहभोज को भाजपा के जातिवादी सोच के नेताओं की राजनीतिक नाटकबाजी करार दिया है।




मायावती ने कहा कि यह सब जानते हैं कि बीजेपी के ऐसे प्रयासों से न तो उसका सालों पुराना दलित और पिछड़ा विरोधी चाल, चरित्र, चेहरा बदलने वाला है और न ही दलितों का उत्थान संभव है। इस प्रयास से दलितों के उत्पीड़न का अंत भी नहीं होगा।

उन्होंने सहारनपुर की जातीय हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के जातिवादी नेताओं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दलितों को लेकर नियत और नीति में जरा भी सच्चाई और ईमानदारी होती तो सहारनपुर को कभी इतनी बड़ी जातीय हिंसा का सामना नहीं करना पड़ता। यूपी की भाजपा सरकार का रवैया भी अन्य राज्यों की सरकारों की तरह ही जातीय द्वेष और अन्याय से भरा है।




उन्होंने कहा कि दलित और पिछड़ा समाज सदियों से जातीय द्वेष, अन्याय, शोषण और जातीय हिंसा का शिकार होता रहा हैं। इस समाज के करोड़ों लोग सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक पिछड़ेपन के कारण नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। भाजपा जैसी जातिवादी सोच वाली राजनीति पार्टियों की वजह से ही यह पिछड़ा समाज आज तक संविधान में मिले अपने अधिकारों से वंचित है। वह पहले भी सरकारों का ध्यान इस ओर खींच चुकीं हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बुधवार को दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्ग के लोगों के साथ किया गया सहभोज उनके विरोधियों को खटक गया है। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस सहभोज को भाजपा के जातिवादी सोच के नेताओं की राजनीतिक नाटकबाजी करार दिया है। मायावती ने कहा कि यह सब जानते हैं कि बीजेपी के ऐसे प्रयासों से न तो उसका सालों पुराना दलित और पिछड़ा विरोधी…