सलमान खुर्शीद ने ली चुटकी, कहा- PM मोदी ने ‘मेडिटेट’ कहा होगा, ट्रंप ने सुन लिया ‘मेडिएट’

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नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) ने मजाकिया अंदाज में गुरुवार को कहा कि ‘मेडिटेट’ और ‘मेडिएट’ के बीच भ्रम हो जाने के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को लगा होगा कि भारत उनसे कश्मीर मुद्दे पर हस्तक्षेप चाहता है। भारत ने ट्रंप के दावे को खारिज किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए उनसे भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने का अनुरोध किया।

Salman Khurshid Says Maybe Pm Modi Said Meditate And Trump Heard Mediate :

खुर्शीद यहां अपनी पुस्तक ‘विजिबल मुस्लिम, इनविजिबल सिटिजन : अंडरस्टैंडिंग इस्लाम इन इंडियन डेमोक्रेसी’ के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे। विवाद का संदर्भ देते हुए पूर्व विदेश मंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि हो सकता है कि प्रधानमंत्री मोदी कहना चाहते हों कि आप योग के लिए मेडिटेट यानि ध्यान क्यों नहीं करते और उन्होंने मेडिएट (मध्यस्थता) सुन लिया हो।

यह संचार की समस्या थी। लेकिन कूटनीति संचार पर निर्भर है और अगर आप ठीक से बातचीत नहीं कर सकते, तो यह किस तरह की कूटनीति है। साथ ही कांग्रेस नेता ने विदेश मंत्री एस जयशंकर की एक राजनयिक के तौर पर हासिल पिछली उपलब्धियों का हवाला देते हुए उनकी प्रशंसा की।

इमरान के सामने ट्रम्प ने किया था दावा

ट्रम्प ने सोमवार को ही इमरान खान के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि मोदी दो हफ्ते पहले उनके साथ थे और उन्होंने कश्मीर मामले पर मध्यस्थता की पेशकश की थी। इस पर इमरान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अगर आप ऐसा करा सके, तो अरबों लोग आपको दुआ देंगे।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के करीब एक घंटे बाद ही ट्रम्प के दावे को नकार दिया था। मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और ट्रम्प ऐसी कोई बात नहीं हुई। भारत अपने निर्णय पर कायम है। पाकिस्तान के साथ सारे मसले द्विपक्षीय बातचीत के जरिए ही हल किए जाएंगे।

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) ने मजाकिया अंदाज में गुरुवार को कहा कि 'मेडिटेट' और 'मेडिएट' के बीच भ्रम हो जाने के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को लगा होगा कि भारत उनसे कश्मीर मुद्दे पर हस्तक्षेप चाहता है। भारत ने ट्रंप के दावे को खारिज किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए उनसे भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने का अनुरोध किया। खुर्शीद यहां अपनी पुस्तक 'विजिबल मुस्लिम, इनविजिबल सिटिजन : अंडरस्टैंडिंग इस्लाम इन इंडियन डेमोक्रेसी' के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे। विवाद का संदर्भ देते हुए पूर्व विदेश मंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि हो सकता है कि प्रधानमंत्री मोदी कहना चाहते हों कि आप योग के लिए मेडिटेट यानि ध्यान क्यों नहीं करते और उन्होंने मेडिएट (मध्यस्थता) सुन लिया हो। यह संचार की समस्या थी। लेकिन कूटनीति संचार पर निर्भर है और अगर आप ठीक से बातचीत नहीं कर सकते, तो यह किस तरह की कूटनीति है। साथ ही कांग्रेस नेता ने विदेश मंत्री एस जयशंकर की एक राजनयिक के तौर पर हासिल पिछली उपलब्धियों का हवाला देते हुए उनकी प्रशंसा की। इमरान के सामने ट्रम्प ने किया था दावा ट्रम्प ने सोमवार को ही इमरान खान के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि मोदी दो हफ्ते पहले उनके साथ थे और उन्होंने कश्मीर मामले पर मध्यस्थता की पेशकश की थी। इस पर इमरान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अगर आप ऐसा करा सके, तो अरबों लोग आपको दुआ देंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के करीब एक घंटे बाद ही ट्रम्प के दावे को नकार दिया था। मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और ट्रम्प ऐसी कोई बात नहीं हुई। भारत अपने निर्णय पर कायम है। पाकिस्तान के साथ सारे मसले द्विपक्षीय बातचीत के जरिए ही हल किए जाएंगे।