कांग्रेस नेताओं ने पुलवामा हमले पर उठाये सवाल, पीएम मोदी ने ट्वीट कर कही ये बात

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कांग्रेस नेताओं ने पुलवामा हमले पर उठाये सवाल, पीएम मोदी ने ट्वीट कर कही ये बात

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के चलते एक बार फिर पुलवामा हमले को लेकर भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और कांग्रेस के बीच सियासी बयानों का दौर शुरू हो गया है। पुलवामा हमले को लेकर इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष और टेलीकॉम उद्यमी सैम पित्रोदा और समाजवादी पार्टी(सपा) के महासचिव राम गोपाल यादव के बयान सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी ने कहा, “विपक्षी हमारी सेना को बार-बार अपमानित कर रहे हैं। जनता इन्हें माफ नहीं करेगी।” साथ ही पीएम मोदी ने ट्विटर पर #JANTAMAAFNAHIKAREGI की शुरुआत भी की है।

Sam Pitroda Questioned On Air Strike Says 300 People Were Killed In Pak We Need To Know :

आपको बता दें कि कांग्रेस के इंडियन ओवेरसीज़ प्रभारी सैम पित्रोदा राहुल गांधी के करीबी हैं। उन्होने पुलवामा हमले पर सवाल उठाते हुए कहा, “मैंने जो अखबारों में पढ़ा है उससे ज्यादा जानना चाहता हूं, क्या हमने वाकई 300 आतंकियों को मार गिराया है।”

इस बयान के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस के शाही वंश के वफादार ने वह स्वीकार किया जोकि राष्ट्र पहले से ही जानता है। कांग्रेस आतंक का जवाब देना नहीं जानती थी। उन्होंने ट्वीट किया, “यह न्यू इंडिया है, हम आतंकवादियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देना जानते हैं जिसे वो समझते हैं और वो भी ब्याज के साथ।”

सैम पित्रोदा ने अपने बयान में कहा था, “मुझे पुलवामा हमले के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है, ऐसा हमेशा होता रहा है, मुंबई के ताज और ओबेरॉय होटल में भी हमला हुआ था। तब हम भी जवाब दे सकते थे और अपने विमान भेज सकते थे लेकिन मेरे हिसाब से ये सही तरीक़ा नहीं है। आप ऐसे दूसरे देशों के साथ व्यवहार नहीं कर सकते। आठ लोग आते हैं और कुछ करते हैं आप पूरे देश पर हमला नहीं कर सकते।”

वहीं, दूसरी तरफ़ सपा नेता रामगोपल वर्मा ने अपने बयान में कहा था कि पुलवामा आतंकी हमला कोई हमला नहीं बल्कि एक साज़िश है। जिसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने उनके इस बयान पर ट्वीट कर कहा था, “विपक्ष की आदत हो चुकी है आतंकियों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करना और हमारे सशस्त्र बलों पर सवाल उठाना। वरिष्ठ नेता रामगोपाल वर्मा का ये बयान उन सभी सेनाओं का अपमान करता है जिन्होंने कश्मीर की रक्षा करते करते अपनी जान की बाजी लगा दी। उन्होंने लिखा कि यह हमारे शहीदों और उनके परिवारों का अपमान है।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के चलते एक बार फिर पुलवामा हमले को लेकर भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और कांग्रेस के बीच सियासी बयानों का दौर शुरू हो गया है। पुलवामा हमले को लेकर इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष और टेलीकॉम उद्यमी सैम पित्रोदा और समाजवादी पार्टी(सपा) के महासचिव राम गोपाल यादव के बयान सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी ने कहा, "विपक्षी हमारी सेना को बार-बार अपमानित कर रहे हैं। जनता इन्हें माफ नहीं करेगी।" साथ ही पीएम मोदी ने ट्विटर पर #JANTAMAAFNAHIKAREGI की शुरुआत भी की है।

आपको बता दें कि कांग्रेस के इंडियन ओवेरसीज़ प्रभारी सैम पित्रोदा राहुल गांधी के करीबी हैं। उन्होने पुलवामा हमले पर सवाल उठाते हुए कहा, "मैंने जो अखबारों में पढ़ा है उससे ज्यादा जानना चाहता हूं, क्या हमने वाकई 300 आतंकियों को मार गिराया है।"

इस बयान के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस के शाही वंश के वफादार ने वह स्वीकार किया जोकि राष्ट्र पहले से ही जानता है। कांग्रेस आतंक का जवाब देना नहीं जानती थी। उन्होंने ट्वीट किया, "यह न्यू इंडिया है, हम आतंकवादियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देना जानते हैं जिसे वो समझते हैं और वो भी ब्याज के साथ।"

सैम पित्रोदा ने अपने बयान में कहा था, "मुझे पुलवामा हमले के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है, ऐसा हमेशा होता रहा है, मुंबई के ताज और ओबेरॉय होटल में भी हमला हुआ था। तब हम भी जवाब दे सकते थे और अपने विमान भेज सकते थे लेकिन मेरे हिसाब से ये सही तरीक़ा नहीं है। आप ऐसे दूसरे देशों के साथ व्यवहार नहीं कर सकते। आठ लोग आते हैं और कुछ करते हैं आप पूरे देश पर हमला नहीं कर सकते।"

वहीं, दूसरी तरफ़ सपा नेता रामगोपल वर्मा ने अपने बयान में कहा था कि पुलवामा आतंकी हमला कोई हमला नहीं बल्कि एक साज़िश है। जिसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने उनके इस बयान पर ट्वीट कर कहा था, "विपक्ष की आदत हो चुकी है आतंकियों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करना और हमारे सशस्त्र बलों पर सवाल उठाना। वरिष्ठ नेता रामगोपाल वर्मा का ये बयान उन सभी सेनाओं का अपमान करता है जिन्होंने कश्मीर की रक्षा करते करते अपनी जान की बाजी लगा दी। उन्होंने लिखा कि यह हमारे शहीदों और उनके परिवारों का अपमान है।