शिवपाल के नजदीकी एमएलसी आशु मलिक की छिनी वाई श्रेणी सुरक्षा!

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता एवं विधान परिषद सदस्य आशु मलिक को राज्य सरकार की तरफ से मिली वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गयी है। सपा में तेजी से बदल रहे राजनीतिक घटना क्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को 5-कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक बुलायी थी। इस बैठक में विधान परिषद सदस्य मलिक भाग लेने नहीं पहुंचे थे। इसके बजाय मलिक सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से मिले। इसी के बाद रविवार को स्व. जनेश्वर मिश्र पार्क में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रात: नौ बजे आपातकालीन राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया था।




मलिक इस अधिवेशन में भी नहीं पहुंचे। इसी कारण यह माना जा रहा है कि मलिक मुख्यमंत्री अखिलेश खेमे के साथ नहीं खड़े हैं। यही नहीं इसके पूर्व भी 24 अक्टूबर को पार्टी मुख्यालय पर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री और सपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे शिवपाल यादव के बीच माईक छीना-झपटी की वजह भी आशु मलिक ही बने थे। हालांकि बाद मुख्यमंत्री ने आशु मलिक को अपने सरकारी आवास पर बुलाकर वार्ता की थी। बाद में आशु मलिक ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर जब वह अकेले एक कमरे में बैठे थे तब तत्कालीन राज्य मंत्री पवन पाण्डेय ने उन्हें वहां पर चांटा मारा था। इससे वह आहत थे। बाद में उन्हें सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने समझाकर किसी तरह से शांत कराया था। तभी से आशु मलिक सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और शिवपाल के नजदीक ज्यादा दिख रहे थे।




इसी बीच शनिवार से तेजी से बदले घटनाक्रम में यह बात एक बार फिर सामने आयी कि सपा मुखिया के आवास पर आशु मलिक ज्यादा देर तक रहे। वहां पर उन्होंने शिवपाल यादव के साथ सपा मुखिया से वार्ता भी की। संभवत: इसी को लेकर पार्टी में कहीं से नाराजगी महसूस की गयी और रविवार दोपहर बाद उनकी वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस ले गयी। बताया जाता है कि सुरक्षा वापस लिये जाने से आशु मलिक काफी परेशान दिख रहे थे।

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