मुलायम सिंह यादव से मिलने पहुंचे अखिलेश

लखनऊ: पिछले कुछ महीनों से समाजवादी परिवार में चल रही उथलपुथल के बीच पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव ने जिस बेटे को पांच साल पहले विरासत सौंपी थी, उसी बेटे अखिलेश यादव को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। शुक्रवार को पूरे दिन चले इस सियासी तूफान के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज विधायकों की बैठक बुलाई। विधायको की बैठक के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कद्दावर मंत्री मोहम्मद आजम खान के साथ मुलायम सिंह यादव यादव से मिलने पहुंचे। सूत्रों से खबर आ रही है कि मुलायम सिंह यादव के साथ अखिलेश यादव की मीटिंग शुरू भी हो गई है। सूत्र यह भी बता रहे हैं अखिलेश मुलायम की इस मीटिंग में शिवपाल नदारद दिखे। सूत्र बता रहे हैं कि आजम खान मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव में समझौता करवाने में जुटे हुए हैं।




अखिलेश और रामगोपाल को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निकाले जाने के बाद बड़ी संख्या में अखिलेश समर्थक उनके घर के बाहर जमा हो गए और अखिलेश के समर्थन में नारेबाज़ी करने लगे। एक समर्थक ने तो आत्मदाह की भी कोशिश की। अखिलेश समर्थक मुलायम सिंह यादव से अपना फैसला वापस लेने की मांग कर रहे थे। समर्थकों को उग्र होते देख अखिलेश ने अपने एक विधायक को समर्थकों के बीच भेज कर संयम बरतने का संदेश दिया। अब सब की नज़र इस बात पर टिकी है कि बैठक में अखिलेश क्या निर्णय लेते हैं क्या अखिलेश मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफ़ा देकर नई पार्टी बनाएंगे या फिर सुलह की गुंजाइश अब भी बाक़ी है।

उधर, समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह ने सपा में जारी संकट को दुभार्ग्यपूर्ण बताया है। साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने वाली पारिवारिक कलह में सपा सदस्यों से मुलायम सिंह यादव का समर्थन करने का आग्रह किया। अमर ने कहा, पार्टी की नींव मुलायम सिंह ने बहुत निष्ठा और कड़ी मेहनत से डाली थी। मैंने यह पहले भी कहा है और अब भी कहूंगा कि मुलायम सिंह सपा के अध्यक्ष हैं, साथ ही में अखिलेश के पिता भी हैं।




गौरतलब है कि सत्तारूढ़ समाजवादी कुनबे में मची रार के बीच सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने शुक्रवार को बेहद सख्त कदम उठाते हुए अपने मुख्यमंत्री पुत्र अखिलेश यादव और अपने भाई पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव को पार्टी से छह साल के लिये निष्कासित कर दिया। सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री अखिलेश और महासचिव रामगोपाल को कारण बताओ नोटिस जारी करने के महज पौन घंटे के अंदर संवाददाता सम्मेलन कर दोनों को पार्टी से निकालने का फरमान सुना दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी बचाने के लिये उन्हें ऐसा सख्त कदम उठाया है।

राजनीतिक अखाड़े के पहलवान मुलायम ने रामगोपाल द्वारा आगामी एक जनवरी को पार्टी का राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन बुलाये जाने को अवैध करार देते हुए कहा था कि इसका अधिकार केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष को है। रामगोपाल की हरकत से पार्टी को नुकसान हुआ है और चूंकि रामगोपाल के कृत्य में अखिलेश का भी समर्थन है, इसलिये उन्हें भी पार्टी से छह साल के लिये निकाल दिया गया है।

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