परिवार, पार्टी और नेता सब एक हैं, CM का चेहरा चुनाव के बाद तय होगा: मुलायम सिंह यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में चल रहे परिवारवार पर विराम लगाने के लिए आज सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने प्रेस वार्ता की। सपा मुखिया ने प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान कहा कि परिवार में कोई मतभेद नहीं है, परिवार एक है, पार्टी एक है और सभी नेता एक हैं। जब मुलायम से अमर सिंह को लेकर सवाल किया गया तो उन्होने कहा कि अमर सिंह को बीच में लाने की क्या जरूरत है। हालांकि मुलायम सिंह यादव की प्रेस वार्ता खत्म होने के बाद पार्टी मुख्यालय के बाहर अखिलेश समर्थकों ने जमकर हंगामा किया।

मुलायम सिंह यादव ने जब मंगलवार को दोपहर ढाई बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई तो ऐसा माना जा रहा था कि कई अहम घोषणाएं उनकी ओर से की जा सकती हैं, साथ ही पार्टी और परिवार की एकजुटता दिखाई दे सकती है, लेकिन यह धारणा वहीं कच्ची पड़ गई जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए मुलायम के साथ केवल शिवपाल ही नज़र आए। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस मौके पर नदारद रहे। इससे एकजुटता की बात की कलई खुल गई। रही सही कसर मुलायम सिंह के बयान से पूरी हो गई। मुलायम सिंह ने अपने चंद वाक्यों के संबोधन में केवल अपने राजनीतिक सफर की बात कही। इसका आशय साफ है कि वो यह बताना चाहते थे कि ये पार्टी उनकी बनाई हुई है और वो अभी भी पार्टी के अध्यक्ष हैं, पार्टी उनके पास है।




मुलायम सिंह यादव इस संकट को भांप चुके हैं कि पार्टी की बागडोर उनके हाथ से निकलती जा रही है। सवाल जवाब का सिलसिला शुरू हुआ तो मुलायम बोले की पार्टी एक है और परिवार एक है। कोई मतभेद नहीं है। कार्यकर्ता उनके साथ हैं। इसके बाद उन्होंने विवाद के हर सवाल को टालने की ही कोशिश की। उन्होंने कहा कि वो एक भी विवादित बात नहीं कहेंगे।

रामगोपाल के बयानों को महत्व नहीं देता–मुलायम

रामगोपाल के बयानों पर हुए सवालों पर उन्होंने कहा कि मैं उनकी बातों को महत्व नहीं देता और फिर अमर सिंह पर बोले कि उनको पार्टी से नहीं निकाला जाएगा। अगला मुख्यमंत्री का चेहरा अखिलेश यादव होंगे या नहीं, इस पर मुलायम सिंह ने पत्रकारों को औपचारिक सा भाषण दे दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी एक लोकतांत्रिक पार्टी है और जीत के आने वाले विधायकों की राय के आधार पर ही अगले मुख्यमंत्री का निर्णय होगा।




प्रेस कांफ्रेंस में मुलायम क्या बोले, इससे ज़्यादा अहम है कि वो क्या नहीं बोले बार बार पूछे जाने पर भी उन्होंने नहीं बताया कि शिवपाल और अन्य बर्खास्त मंत्रियों की सरकार में वापसी होगी या नहीं, मुलायम बार बार इस सवाल को टालते रहे और उन्होंने कहा कि इसपर फैसला मुख्यमंत्री ही लेंगे।यानी साफ है कि शिवपाल और बाकी मंत्रियों की वापसी पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका है और सरकार में बना गतिरोध कायम है।