सपा सांसद का बयान, देश में मुसलमान महफूज नहीं, आगे जानिए क्या कहा

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के संभल जनपद से समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ शफीकुर रहमान बर्क ने मुसलमानों को लेकर संभल में विवादित बयान दिया है। चंदौसी में रोजा इफ्तार पार्टी में शरीक होने के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर रहमान बर्क ने कहा कि देश में मुसलमान महफूज नहीं है।

Samajwadi Party Mp Shafiqur Rahman Barq Says Muslims Are Not Safe In India :

सांप्रदायिक दंगे भड़काकर मॉब लिंचिंग के नाम पर मुसलमानों का कत्ल किया जा रहा है। बीजेपी सरकार बनने के सवाल पर भड़के सांसद ने कहा कि बीजेपी देश की ठेकेदार नहीं है। आरएसएस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बातें बनाने वाली आरएसएस ने देश के लिए कुछ नहीं किया जबकि देश की आजादी की जंग के लिए तमाम मुसलमानों ने कुर्बानियां दीं।

इसके बाद भी देश के मुसलमानों को पाकिस्तान भेजने जैसे बयान दिए जाते हैं। अब संसद में सरकार से हम यह सवाल पूछेंगे कि हमें इस देश में जीने का हक कब दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुसलमान देश में न तो कोई झगड़ा चाहता है न ही कोई हिंसा चाहता है फिर हमें पाकिस्तान भेजने के बयान क्यों दिए जाते हैं। हम इस देश में पैदा हुए हैं हम यहीं रहेंगे। यहीं सियासत करेंगे। हमारी दिलचस्पी अपने देश में है पाकिस्तान में नहीं है। हम यह सवाल संसद में सरकार से भी पूछेंगे कि हमें जीने का हक कब दिया जाएगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के संभल जनपद से समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ शफीकुर रहमान बर्क ने मुसलमानों को लेकर संभल में विवादित बयान दिया है। चंदौसी में रोजा इफ्तार पार्टी में शरीक होने के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर रहमान बर्क ने कहा कि देश में मुसलमान महफूज नहीं है। सांप्रदायिक दंगे भड़काकर मॉब लिंचिंग के नाम पर मुसलमानों का कत्ल किया जा रहा है। बीजेपी सरकार बनने के सवाल पर भड़के सांसद ने कहा कि बीजेपी देश की ठेकेदार नहीं है। आरएसएस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बातें बनाने वाली आरएसएस ने देश के लिए कुछ नहीं किया जबकि देश की आजादी की जंग के लिए तमाम मुसलमानों ने कुर्बानियां दीं। इसके बाद भी देश के मुसलमानों को पाकिस्तान भेजने जैसे बयान दिए जाते हैं। अब संसद में सरकार से हम यह सवाल पूछेंगे कि हमें इस देश में जीने का हक कब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुसलमान देश में न तो कोई झगड़ा चाहता है न ही कोई हिंसा चाहता है फिर हमें पाकिस्तान भेजने के बयान क्यों दिए जाते हैं। हम इस देश में पैदा हुए हैं हम यहीं रहेंगे। यहीं सियासत करेंगे। हमारी दिलचस्पी अपने देश में है पाकिस्तान में नहीं है। हम यह सवाल संसद में सरकार से भी पूछेंगे कि हमें जीने का हक कब दिया जाएगा।